malwa ka pathar

                   इंदौर क्या मालवा का पठार  है 


 मध्यप्रदेश  को आजादी से पहले मध्य भारत कहा जाता था। इसी का नाम मालवा भी था। इसे मालवा का पठार  भी कहते है। पठार  का मतलव मुख्य भूमि से थोड़ी उठी हुई और समतल जमीं ,जिस पर रहना आसान होता है।  इसकी राजधानी इस समय भोपाल है। लेकिन पुराने समय में इंदौर का महत्वपूर्ण स्थान था। ये उतना ही आवश्यक समझा जाता था जितना भोपाल  समझा जाता है। 

      आपने जुनागढ़ , हैदराबाद और कश्मीर  जैसे राज्यों के नाम सुने होंगे जो भारत में जुड़ना नहीं चाहते थे। इसी में भोपाल भी शामिल है।  आपने कभी भोपाल का नाम सुना है जो भारत में सबसे बाद में शामिल हुआ था। शायद नहीं। क्योंकि मुझे भी बहुत सालो बाद पता चला था। जबकि मुझे जानकारी हासिल करने का बहुत शौक है।  इसे भारत का हिस्सा बनाने के लिए बल्ल्भभाई पटेल  जैसे धुरंधरों को काफी प्रयास करने पड़े। वरना  कल्पना करके देखिये। यदि ये भारत का हिस्सा नहीं बनता तो आज भारत का नक्सा कैसा होता। 

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