बुरे लोग शर्मिंदा क्यों नहीं होते 

गलत लोगों की परवरिश ऐसे माहौल मे होती है जहां गलतियाँ अधिकतर लोग करते है । गलतियाँ क रने वालों को शर्मिंदा नहीं किया जाता है । उन्हे सजा नहीं मिलती बल्कि उन्हे महिमामण्डित किया जाता है । वह इस काम को गलत नहीं समझते है । उन्हे बचपन से गलती करने पर बड़ावा दिया जाता है । जिसके कारण वह गलत को गलत नहीं समझ पाते है ।

किसी भी काम को गलत या सही समाज और परिवार निर्धारित करता है । जब उस काम को करने पर आपको गलत नहीं कहा जा रहा तो वह इंसान कैसे गलत समझ सकता है । यदि वह काम को गलत समझने लगेगा तो उस काम को करने से बचने की कोशिश करेगा ।

गलत लोग किसी का खून करके भी दुखी नहीं होते है । उसका इल्जाम भी दूसरों पर लगाने की कोशिश करते है कई बार खून की सजा से बचने के लिए अनेक खून करते चले जाते है खून करने से जरूरी नहीं उन्हे लाभ मिल रहा हो । कई बार इस तरह के लोग दूसरों को तड़पता देख कर खुश होते है । बहता हुआ खून उन्हे सुकून देता है । अपने इस शौक को पूरा करने के लिए इसे काम के रूप मे पैसे लेकर करने लगते है ।

इस तरह के लोग हमेशा दूसरों को दुख देकर खुश होते है । उन्हे प्यार का मतलब पता नहीं होता है । वह यदि प्यार मे पडते है तब अपनी शर्तों पर दूसरों को चलाना पसंद करते है । दूसरों को सुख देना उनके जीवन का मकसद नहीं होता है ।

अमरीका और मुस्लिम देश के रहन -सहन मे अंतर है ।अमरीका के खुलेपण को यदि कोई मुस्लिम देश की औरत अपना लेगी तो दंड की भागीदार होगी । मैंने कई मुस्लिम छोटी लड़कियों को सिर ढके देखा है जबकि हर देश मे सिर ढकना जरूरी नहीं होता है । उस देश मे बिना खुद को ढके वहाँ की महिला खुद को कमतर महसूस करती है जबकि उनका सिर ढकना हमे अजीब लगता है ।

बुरे लोगों के लिए दंड मायने नहीं रखता है वह शारीरिक दंड से डरते नहीं है वह उसे हँसते हुए सहन करते है जिससे साधारण इंसान टूट जाता है बुरे लोग उस दंड के सामने भी कड़े बने रहते है ।

कुछ लोग कठोर माहौल मे पलने के कारण मानसिक रूप से मजबूत होते है । जिन्हे प्यार से पाला जाता है वे स्वभाव से कोमल होते है । उन्हे हमेशा सब कुछ मन माफिक मिला होता है जिसके कारण विपरीत माहौल का सामना नहीं कर पाते है । उन्हे विपरीत माहौल मे टूटते देर नहीं लगती है । इस तरह के लोग यदि आत्महत्या भी कर ले तो बड़ी बात नहीं होती है ।

आजकल कहा जाता है यदि आप बच्चे का लंबा जीवन चाहते है तो उसकी सभी जरूरत पूरी न करे । उसे समय-समय पर डांटना भी जरूरी है । आपके बच्चे के साथ समाज के अन्य लोग प्यार से व्यवहार नहीं करेगे उनके चाहने से सभी जरूरत पूरी नहीं करेगे उनका सामना करवाने के लिए कठोर व्यवहार जरूरी होता है ।

दयालु लोग खुद पर इल्जाम लगते ही टूट जाते है वह हमेशा सफाई देने की कोशिश करते है उनके लिए इल्जाम लगना जीवन और मरण का सवाल बन जाता है । गलत लोग इल्जामों पर गर्व करते है।

बुरे लोग दूसरों को डराने से खुशी महसूस करते है । गलत लोग दूसरों को डरा कर खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करते है । उसके लिए हथियारों का सहारा लेने से भी नहीं बाज आते है । उन्हे दूसरों को डरा कर सुख मिलता है ।

यह उनकी आदत मे शुमार हो जाता है उन्हे साधारण लोगों के समान जीवन अच्छा नहीं लगता है । वह साधारण जीवन से ऊब जाते है । उनके जीवन मे उतार -चड़ाव न आये तो उन्हे अच्छा नहीं लगता है वे रोमांचित नहीं होते है । अलग तरह के लोगों पर इल्जामों का अलग असर होता है ।

दयालु सारी दुनियाँ को अच्छा समझते है जब इल्जाम लगता है तब वह अपने को एकाकी समझते है जिसके कारण निंदा उन्हे तोड़ देती है । जबकि बुरे लोग सारी दुनियाँ को अपने समान बुरा समझते है वह जैसे को तैसा व्यवहार करते है ।

हर उम्र के लोगो का अलग व्यवहार होता है इससे उम्र का संबंध नहीं है । कुछ बच्चे भी अपराध कर सकते है तो कई बार उम्र के आखिरी मोड पर पँहुचने वाले भी अपराध मे लिप्त मिल जाएंगे ।पहली बार इल्जाम लगने पर इंसान टूट जाता है बाद मे उसे इल्जाम सहने की आदत पड जाती है ।

बुरे लोग बुरे कामों का श्रेय लेने से पीछे नहीं रहते है वे दूसरों के इल्जाम भी खुद पर लेते दिख जाएंगे । उनपर एक या अनेक अपराध का असर नहीं होता है । वह जेल जाने के बाद भी दुखी नहीं होते बल्कि जेल की सजा के बाद और भी बुरे बनकर बाहर निकलते है । उनके अंदर प्यार और दयालुता की भावना के मायने खत्म हो जाते है ।

बुरे लोग समाज मे मुश्किल से 1% होते है जबकि अच्छे 99%होते है जिसके कारण अच्छे समाज का निर्माण होता है । हर समाज मे अच्छे और बुरे लोग होते है इसलीये दोनों को स्वीकारना पड़ता है एक ही परिवार के सभी लोगों का व्यवहार समान नहीं होता है । इसलीये जीवन मे विविधता मिलती है । यही विविधता जीवन को बेरंग होने से बचाती है ।

 परफेक्ट पार्टनर

 जीवन मे परफेक्ट कोई नहीं होता है । जो परफेक्ट के बारे मे सोचते है वह हमेशा दुखी रहते है । इसलीये जो आपको मिल गया है उसकी अच्छाई पर ध्यान देने पर सुख मिलता है ।

जिसके बारे मे आप परफेक्ट सोचते है वह हमेशा आपसे दूर होता है इसलीये उसकी कमी दिखाई नहीं देती है जो पास होता है उसमे कमियाँ अधिक देखने की आदत पड जाती है ।हम साथी के साथ रहने के कारण अच्छाई कम और कमियाँ अधिक देखते है ।

जो आपका साथी है उसकी सुंदरता से अधिक उसके गुणों पर ध्यान दे । सुंदरता कम और ज्यादा की जा सकती है । सुंदर इंसान की एक समय बाद सुंदरता कम हो जाती है क्योंकि बुडापे की छाया उस पर पड़ने लगती है ।

उसके अंदर दया की भावना होनी चाहिए । वह करुणा से भरा हो जिससे दूसरों के दुख मे उसके साथ खड़ा हो सके । वह दूसरों को सम्मान की निगाहों से देखे । वह दूसरों के अपमान करने से बचने की कोशिश करे । जो दूसरों का अपमान कर सकता है किसी दिन आपसे खिन्न होकर आपका अपमान करने से पीछे नहीं रहेगा ।

उसका मेहनती होना जरूरी है । मेहनती इंसान अपने काम के साथ आपका भी काम करने मे देर नहीं लगाएगा । उसकी मेहनत के कारण आपका घर सजा संवरा रहेगा । आपको हर काम मे अनुशासन और व्यवस्था मिलेगी । आपका काम को लेकर झगड़ा कम होगा । अपना काम वह खुद आसानी से कर लेगी । वह अधिकतर परिवार की जिम्मेदारी खुद वहन करने की कोशिश करेगी जिससे आप परेशानी से बच सकेंगे ।

वह दूसरों को सम्मान देने वाले हो तो बेहतर है जो दूसरों के महत्व को स्वीकारते है वह अपने से अधिक आपको और आपके परिवार का सम्मान करेगी । जीवन सुख और शांति से गुजराने के लिए परस्पर सम्मान की जरूरत होती है ।

उसका झगड़ालू होना गलत है जो झगड़ा दूसरों से करता है वह एक समय बाद आपसे झगड़ा करने लगे तो बड़ी बात नहीं होगी । जीवन मे सफलता के लिए घर मे शांति होना जरूरी है ।

वह धैर्यवान होना चाहिए । इच्छा के अनुसार जीवन नहीं होता है कई बार इंसान चाहते हुए भी रुकावटो के कारण हमारे अनुसार काम नहीं कर पाता है जिसके कारण इच्छा होते हुए भी वह हमारे मनोरूप काम नहीं करता है । इसलीये धैर्य पूर्वक स्थिति के बारे मे सोचने मे बुराई नहीं है ।

वह जीवन मे हर तरह से संतुलन बनाने की कोशिश करने वाला होना चाहिए । हर इंसान आपके अनुसार काम नहीं करेगा इसलीये उसकी स्थिति के बारे मे सोचकर समझदारी से संबंधों मे संतुलन की कोशिश करने वाला ही जीवन जीने मे समर्थ हो पाता है ।

जीवन मे हर हालत मे संवाद बनाए रखने की कोशिश करने वाला होना चाहिए । उसमे गलत शब्दों को नजरअंदाज करने की आदत संबंध बनाए रखती है । हर समय घुटते रहने वाले अपने और दूसरों के जीवन को दुखदाई बना देते है । क्योंकि एक समय बाद यह घुटन अवश्य बाहर निकलती है । जिसके कारण जीवन मे कड़वाहट आती है ।

उसके अंदर अहम अधिक नहीं होना चाहिए । वह अहम के कारण दूसरों से सलाह लेना अपनी कमजोरी न समझे । क्योंकि इंसान कभी न कभी खुद को असहाय समझता है जो दूसरों से सलाह लेने पर खुद को कमतर नहीं समझते वह एक दिन सलाह के माध्यम से परेशानियों से बाहर निकल आते है ।

उसमे दूसरों से सहयोग करने की भावना होनी चाहिए । जो सहयोग कर सकता है वह आपको परेशानी के समय अकेला नहीं छोड़ेगा । उसे समस्या का हल करना आता होगा । ऐसा इंसान मानसिक या शारीरिक समस्या के समय आपकी रक्षा करने के लिए तैयार रहेगा । उसके साथ होने पर अकेलेपन का अहसास नहीं सताएगा । आप मानसिक रूप से मजबूत महसूस करेगे । यह स्थिति आपको तरक्की दिलाएगी ।

आपके अंदर निकटता का अहसास बना रहेगा । यह आपके साथी के प्रति भरोसा बड़ाएगा । यह भरोसा आपके प्रेम को मजबूत करेगा । प्रेम फिल्मी नहीं होता है । फिल्मी प्यार परेशानियों के समय खत्म हो जाता है । जबकि इस तरह का प्रेम दिनोंदिन बड़ता जाता है ।

आजकल जीवन मे सुंदरता और प्रेम को परफेक्ट साथी की निशानी समझा जाता है । आजकल अनेक उपायों से सुंदरता बड़ सकती है प्रेम के अनेक रूप होते है प्रेम भी समय के हिसाब से घटता -बड़ता रहता है उपरोक्त गुणों के इंसान के साथ रहने से इंसान के जीवन मे सुख और शांति रहने के कारण तरक्की होती जाती है जिससे कालांतर मे साथी की जरूरत हमेशा महसूस रहती है ।

 नशा 

नशे के लिए निरंकुश युवा जो अपना अच्छा और बुरा समझने की सामर्थ्य नहीं रखते है।उन्हे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए । बाद मे समाज ,सरकार, सोशल मीडिया और परिवार पर इल्जाम लगाया जा सकता है । परिवार के लोग केवल बच्चे का ध्यान नहीं रखते बल्कि अपना जीवन भी जीते है अपने शरीर से संबंधित अनेक काम करने पडते है ।

उसके अलावा उन्हे परिवार के अन्य सदस्यों की जरूरत भी पूरी करनी पड़ती है । इन सब कामों मे पूरा समय खत्म हो जाता है । आजकल के शहरी जीवन मे यदि बिना नौकरों के घर चलाया जाए तो इंसान के पास अपने लिए भी समय नहीं बचता है । तो घर के हर प्राणी पर पूरी तरह कैसे नजर रखी जा सकती है । पिता सारा इल्जाम पत्नी पर डालना चाहता है पत्नी पिता पर डालना चाहती है । एक इंसान जो पूरे दिन घर से बाहर रहता है वह बच्चे पर कैसे ध्यान रख सकता है । पत्नी जो घर से बाहर नहीं निकलती वह बेटे की हरकतों को कैसे रोक सकेगी ।

सभी बच्चे गलत और सही का अंतर जानते है जिसके कारण वह गलत काम परिवार से छिपा कर करते है परिवार वालों को हमेशा अपना बच्चा सही लगता है जिसके कारण वे उसपर संदेह नहीं करते है । इसलीये छिपे हुए कामों को रोकने की कोशिश नहीं कर पाते है । इसके कारण उनके अनेक दोष पर निगाह नहीं जाती है । जब तक उन्हे पता चलता है वह हाथ से निकल चुका होता है ।

शहरी जीवन बहुत व्यस्त हो गया है । जिसके कारण हर इंसान अपने लिए जीना चाहता है इसलीये परिवार की जरूरत पूरी करने के बाद वह अपने लिए कुछ समय निकाल कर खुश रहने के प्रयास करता है । जिसके कारण उसकी निगाह हर चीज पर नहीं रहती है ।

आजकल किसी को त्याग और बलिदान की मूर्ति समझना गलत है वह जितना त्याग करता है उतना अपने लिए जीने को भी स्वीकारता है । उसके हिसाब से इंसानी जीवन एक बार मिला है बाद मे दुबारा वह इंसान के रूप मे आये यह संभव नहीं है इसलीये उसे जीने का अधिकार मिलना चाहिए ।

समाज के लोगों को किसी परिवार मे दखल देने का अधिकार नहीं है । लोग उनकी दखलंदाजी को बर्दास्त नहीं कर पाते है । वे हमेशा सोचते है वह उनके परिवार पर झूठा इल्जाम लगा रहा है वह उससे झगड़ने के लिए तैयार हो जाते है । जिसके कारण समाज किसी परिवार के दोषों को लेकर मुखर नहीं हो पाता है वह हमेशा सोचता है जो हो रहा है उससे हमे कोई फर्क नहीं पड़ता है तो हम उस बारे मे क्यों सोचे जब तक उसके कारण अन्य लोगों को परेशानी नहीं होती है वह गलतियों को अनदेखा करते है ।

पहले लोगों के लिए अपने परिवार के सदस्यों से अधिक बाहर के लोगों का महत्व होता था जिसके कारण समाज के लोग यदि परिवार के सदस्य को गलत हरकत करते देखते थे तब वह वही उस पर हाथ उठा देते थे यदि परिवार मे उस इंसान की हरकत के बारे मे बताया जाता था तब बच्चे की बात पर यकीन करने की जगह उसे सुधारने के मकसद से बड़े भी उस पर हाथ उठाने से बाज नहीं आते थे ।

उसके अलावा समाज के उस सदस्य से कहा जाता था तुमने सही किया लेकिन अब हालत बदल गए है । जिसके कारण समाज का डर रहता था । लोग गलत हरकते करने से रुक जाते थे । उस समय केमरे का काम समाज के लोग करते थे जिसके कारण बच्चे गलत काम करने से पहले अनेक बार सोचते थे ।

कुछ लोग सरकार पर दोष लगाना चाहते है । सरकार मे एक इंसान नहीं होता है । उसमे अनेक लोगों की नियत मायने रखती है । कुछ अच्छे और कुछ गलत होते है गलत को सुधारना कठिन होता है । वह कभी अपनी गलती नहीं मानेगा । जो गलती नहीं मान कर उसे छिपाने की कोशिश कर रहा है उसे कानून बनाकर रोकना कठिन होता है । सरकार कानून बना सकती है लेकिन लागू करने वाले भ्रष्ट लोगों के कारण उन्हे रोकना कठिन हो जाता है । वे भ्रष्टता फैलाने मे दूसरों का सहयोग भी करते है ।

सोशल मीडिया पर नशे से संबंधित विज्ञापन चलाकर नशे को रोकने की अनेक कोशिश की जाती है । इससे संबंधित चीजे आने पर नीचे लिखा रहता है यह शरीर के लिए हानिकारक है । इस संदेश का लोगों पर असर नहीं पड़ता है । जो इन चीजों का सेवन करते है वह घर वालों से छिपा कर करते है जिसका मतलब उन्हे पता है वह गलत काम कर रहे है पता होने पर भी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे है अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे है तो आप बताए दोषी कौन ?

सख्त कानून बनाकर इन्हे रोका नहीं जा सकता है अधिकतर देशों मे नशे के साथ पकड़े जाने पर मौत की सजा दी जाती है फिर भी लोग पैसे के चक्कर मे जान की बाजी लगा देते है । गरीब और अमरीका जैसे देशों मे नशे का व्यापार रोकना कठिन हो रहा है । सारी कोशिश कम साबित हो रही है ।

जो लोग मानसिक रूप से मजबूत होते है वे नशे की लत से बच जाते है लेकिन ड्रग माफिया का मकड़जाल अधिकतर लोगों को फंसा लेता है वह झूठ बोलकर सबसे पहले उन्हे लत लगाते है उसके बाद वह मजबूर हो जाते है ड्रग माफिया उनका फायदा हमेशा उठाता रहता है ।

उन्हे मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार की तरफ से बहुत सारे नशा मुक्ति केंद्र खोले जा रहे है । जिससे नशेड़ी लोगों का इलाज होता है । बहुत सारे लोग इससे निकल कर अच्छी जिंदगी जीते है ।

नशा आधुनिक समय मे अमीर परिवार के सदस्य इससे ज्यादा घिरे नजर आ रहे है वहाँ पैसे की कमी नहीं होती है वह खाली समय का सदुपयोग नहीं कर पा रहे है जिसके कारण वह गलत आदतों का शिकार होने लगे है । उनका एकाकी पन उन्हे इस तरफ धकेल रहा है । उनकी तन्हाई इसमे वजूद ढूँढने लगी है । यह हालत अमीर परिवारों और अमीर देश के लोगों की है जिसके कारण इसमे रोजगार देना जरूरी नहीं होता है । क्योंकि उनके पास पैसे का आधिक्य है ।

मेरे ख्याल से बंधा हुआ परिवार और अच्छे संस्कार उन्हे रोकने की कोशिश कर सकते है । जिसके कारण युवा खुद इसके भ्रमजाल से निकलने की कोशिश करे ।

वैसे नशा ऐसी चीज है यदि गलती से एक बार इसका सेवन करा दिया जाए तो नशे की लत पूरी करने के लिए इंसान बेचेन हो जाता है । शरीर के बदलावों को सहन करना कठिन हो जाता है । आजकल छोटे बच्चों के विद्यालयों के बाहर इसे आसानी से उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है । पैसे के लालच मे इंसान नशे को बड़ावा दे रहा है जिसके कारण इसका व्यापार बड़ता जा रहा है ।

इसके लिए सामूहिक प्रयास करना जरूरी हो गया है सरकार के सख्त कानून ,रोजगार देना ,लोगों को बचाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र भी नाकाफ़ी साबित हो रहे है । परिवार और समाज के सहयोग से इसे रोकने की कोशिश की जा सकती है । किसी एक तरह से रोकना कठिन हो रहा है इसके लिए सभी का मिला जुला प्रयास होने से नशा बंद करवाया जा सकता है ।

 मध्यम वर्ग क्या अमीर बन सकता है

 हाँ ,मध्यम वर्ग का इंसान सच मे अमीर बन सकता है । वह कभी गरीबी मे जीवन जीना नहीं चाहता है उसकी चाहत अपने वर्ग से बाहर निकलने की होती है वह सारी उम्र मध्यम श्रेणी मे जीने की अपेक्षा उससे बाहर निकलने की कोशिश करता है ।

अधिकतर संसार मे बदलाव लाने का काम मध्यम वर्ग करता है । निम्न वर्ग के लोग हतोत्साहित होने के कारण सोच नहीं पाते है । उन्हे आगे बड़ने के रास्ते पता नहीं होते है । उनमे ज्ञान का अभाव होता है । उनके लिए तरक्की करना मुश्किल हो जाता है ।

अमीर इंसान को समझ नहीं आता वह काम किसलिए करे । उसके जीवन मे उद्देश्य नहीं होता है जिसके कारण आराम पसंद जिंदगी जीकर दुनियाँ से चला जाता है । वह अपने और दूसरों के जीवन मे बदलाव लाने की कोशिश नहीं करता है ।

मध्यम वर्ग के अभिभावक जागरूक होते है । जिसके कारण वह बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की कोशिश करते है । वह ऊंचे सपने देखते है जिसके कारण वह बच्चों को भी ऊंचे सपने दिखाते है । उसे आगे बड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करते है । उन्हे जीवन जीने के तरीकों का ज्ञान होता है । वह समाजिक ताना -बाना समझने के कारण दुनियाँ जीने के तरीके सिखाने की कोशिश करते है । उनके अंदर अमीरों के समान पैसा खर्च करने की इच्छा होती है वह उनके समान जीवन जीने के लिए लालायित होता है । इसलीये वह जीवन मे पैसे को महत्व देता है उसे बड़ाने की कोशिश भी करता है ।

यह वर्ग जितना पैसा कमाता है उसमे से बचाने की कोशिश भी करता है । जिससे बचत से मनपसंद काम कर सके । वह थोड़े पैसे से बड़े काम करने की कोशिश करता है । वरना दूसरों से मांगकर काम करता है । उसे उधार लेने मे झिझक नहीं होती है । उसके पैसे को लौटाने की हैसियत देखकर लोग पैसे देने के लिए तैयार भी हो जाते है ।

वह मेहनती होता है सपनों को सच करने के लिए मेहनत की जरूरत होती है । बिना मेहनत के सपने सच नहीं हो सकते है । वह बचपन से अनुशासनात्मक जीवन जीने के कारण नियमित रूप से सही रास्ते पर चलता है जिसके कारण वह अन्य लोगों की अपेक्षा सही और अधिक काम करता हे ।

वह जीवन को सरल बनाने के लिए मशीनों और साधनों का प्रयोग करता है जिसके कारण उसके पास समय का अभाव नहीं होता है । वह जितना काम करना चाहता है उन सबके लिए समय निकाल पाता है । सफल लोग कभी समय की कमी का रोना नहीं रोते है । वह अपना काम करने के बाद दूसरों की सहायता करने के लिए भी तैयार हो जाते है ।

मध्यम वर्ग समाजिक प्राणी बनने की कोशिश करता है । जिसके कारण जीवन मे अच्छे गुणों को अपनाने की कोशिश करता है । गुणवान इंसान के साथ अधिकतर लोग रहना पसंद करते है जिसके कारण उसके दोस्त अधिक होते है । वह उन लोगों को महत्व देता है जो उन्नति मे सहायक होते है । वह जीवन के हर पल का सही उपयोग करता है ।

उसका अच्छा स्वभाव भी लोगों से जोड़ने का काम करता है । उसके चाहने वाले अधिक होने के कारण जीवन की उलझनों को सुलझाने के लिए लोगों की कमी नहीं होती है । वह पैसे के आधार पर सहायक भी चुनते है जो उन्हे उन्नति दिलाते है ।

उसके मन मे लोगों के प्रति कड़वाहट नहीं होती है जिसके कारण वह लोगों के गुणों के आधार पर परखता है जो मददगार साबित होते है उनसे मदद लेने मे हिचकिचाता नहीं है । उसमे झिझक नहीं होती है जिसके कारण वह आगे बड़ता जाता है । आजकी अर्थव्यवस्था लोगों को आगे बड़ाने मे मददगार साबित हो रही है जो तरक्की करना चाहते है उसके उन्हे पर्याप्त अवसर मिल रहे है ।

अमीर लोग भी मेहनत करने वालों की सहायता करते है जो भी मेहनती होता है उसे मददगार भी मिलते जाते है । आप इतिहास उठाकर देखे तो जीवन मे नाम कमाने वाले मध्यम वर्ग के लोग होते है अधिकतर अविष्कारकर्ता ,रचनाकार, प्रसिद्ध और अमीर लोग मध्यम वर्ग से आये है ।

इनका % भले कम हो लेकिन जिजीविषा वाले जीवन मे अमीर बनते है । बचपन मे सोचती थी भाग्य निर्माता भगवान होते है लेकिन बाद मे देखा मेहनती लोग अपने सोचने के तरीके से आगे बडते है । मैंने तरक्की करने वालों को किसी को दोष देते नहीं देखा है । वह हर इंसान मे गुणों को देखते है यदि उन गुणों से उन्हे फायदा होता है तो उसका लाभ उठाने मे देर नहीं लगाते है ।

वह किसी काम को लेकर मान नहीं करते है वह झुक कर उठने मे विश्वास करते है । वह काम के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार हो जाते है । उनके लिए काम का महत्व होता है वह अहम को महत्व नहीं देते है ।वह हमेशा काम के बारे मे सोचते रहते है उन्हे जीवन मे हारना पसंद नहीं होता है । वह जो काम शुरू करते है उसे तब तक नहीं छोड़ते जब तक वह पूरा नहीं हो जाता है । वह जानते है अधूरे काम का महत्व नहीं होता है । इसलीये उसे हर हालत मे पूरा करते है । उन्हे जीवन का मूलमंत्र सफलता लगता है वह जीवन मे हर हालत मे सफल होना पसंद करते है ।

हम जब उद्देश्य के लिए जीते है वह उद्देश्य अवश्य पूरा होता है वह बंद आँखों से सपने देखने की अपेक्षा खुली आँखों से सपने देखते है जिसके कारण वह उन सपनों को पूर्ण करने की हर संभव कोशिश करते है जिससे मंजिल तक पँहुचे ।

पक्के निश्चय वाले मध्यम वर्ग के लोग जीवन मे अमीर अवश्य बनते है । जीवन की रुकावट उन्हे आगे बड़ने से रोक नहीं पाती है वह कभी किसी पर दोषारोपण नहीं करते है वह हालत को अपने आधार पर बदलने की कोशिश करते है वह एक दिन अवश्य उद्देश्य तक पँहुचते है ।

 सच्चा प्यार 

आजकल प्यार को अनेक रूप मे विभाजित किया जा रहा है इसकी परिभाषा बनाई जा रही है । प्यार भावना है जो हर इंसान करना चाहता है प्यार से इंसान खुद को पूर्ण समझने लगता है वह खुद से ज्यादा दूसरे के दुख दर्द मे शामिल होना चाहता है उसके लिए अपने सुख से ज्यादा महत्व साथी के दुख का होता है जिसे वह दूर करने की हर संभव कोशिश करता है ।

प्यार मे इंसान काम करना सीखता है । वह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हो जाता है वह थका होने के बाबजुद दूसरे की खुशी के लिए उठ खड़ा होता है उसके अंदर कभी अपना सुख मायने नहीं रखता है । भारत मे प्यार को शब्दों मे बताने का रिवाज नहीं है लेकिन खुद से ज्यादा दूसरों के बारे मे सोचकर बेचेन होना प्यार है जहां संभव होता है हर मुमकिन काम करता है । अपनी जान पर खेलने के लिए भी तैयार हो जाता है । बीमार होने की स्थिति मे काम को करना प्यार का रूप है ।

जिसे आप 10 मिनट का सच्चा प्यार कह रहे है । उसमे इंसान खुद को भूल जाता है ।प्यार मे इंसान सही तरह से सोचना भी भूल जाता है । उसे अच्छे बुरे का अहसास खत्म हो जाता है । उसके अंदर इस तरह के हार्मोन्स निकलते है जो अच्छा महसूस कराते है । जिसे महसूस करने के लिए इंसान बहुत कुछ खर्च करने और देने के लिए तैयार हो जाता है ।

उसे पाने के लिए जान की बाजी लगाते देखे जा सकते है । उसे देखने के लिए लंबी दूरी तय करने के लिए भी तैयार हो जाते है । प्यार को शब्दों मे बांधना कठिन है इसे महसूस किया जा सकता है । प्यार करने वाले लगातार साथी को देखते रहते है । उसके हर इशारे को समझ कर पूरा करने की कोशिश करते है ।

प्यार के लिए जिम्मेदारी सारी उम्र वहन करने के लिए तैयार हो जाते है । उन्हे खुशी से स्वीकार करते है । वह हर समय साथ निभाने की कोशिश करते है । उनके लिए अच्छा या बुरा समय मायने नहीं रखता है । उसकी शारीरिक कमजोरी भी उसका मन डिगा नहीं पाती है कोई भ्रमजाल हमेशा बना रहता है ।

आज के मापदंड पर लैला -मजनू की सुंदरता का महत्व नहीं है उस समय मे उन्हे उनसे अधिक सुंदर साथी मिल सकता था लेकिन उन्हे उस सुंदरता की जरूरत महसूस नहीं हुई । वह दोनों एक दूसरे के अलावा किसी अन्य की चाहत नहीं रखते थे । जब मिलने की आशा खत्म हो गई तो उन्होंने जीवन भी खत्म कर लिया ।

इस तरह का प्यार अहसास दिलाता है इंसान प्यार मे बलिदान कर सकता है । उसके लिए अपना अस्तित्व के मायने खत्म हो जाते है । कुछ दूसरों के लिए सब कुछ खोने के लिए तैयार हो जाते है ।

जिस प्यार की आजकल दुहाई दे रहे है वह आकर्षण है जिसका रूप बदलता रहता है । यह प्यार जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता है । वह सुख पाना चाहता है । जीवन मे सुखी इंसान की कल्पना पाने वाले से करना चाहोगे तो वह कुछ समय के लिए सुखी होता है । जितना सुख पाने मे महसूस किया जाता है वह सुख धीरे -धीरे कम होता जाता है । एक समय बाद बिल्कुल खत्म हो सकता है । आजकल इस तरह का प्यार मिलता है जिससे जल्दी मोहभंग हो जाता है । इस कारण इंसान एक से अधिक प्यार करने लगा है । इंसान पाने के लिए प्यार करता है जहां मिलना मुश्किल होता है वहाँ प्यार नहीं रहता है दूरी पनपने लगती है ।

जो प्यार 10 मिनट मे पनपता है वह 10 साल मे खत्म हो जाए तो बड़ी बात न होगी । आजकल का प्यार स्थाई नहीं होता है । उसे आकर्षण कहना सही होगा । आजकल प्यार मे त्याग करने वाले लोग कम मिलेंगे सभी प्यार पाकर पूर्णता चाहते है । जहां अधूरापन महसूस होता है वहाँ प्यार खत्म हो जाता है ।

भारत मे अनेक उदाहरण ऐसे मिल जाएंगे जिसमे इंसान बिना शादी किए भी सारी उम्र उसके सपने को पूरा करने मे जीवन लगा देते है इस तरह के लोग कम होते है लेकिन मिलते अवश्य है । इंसान बिना शादी किए भी उसके मरने के बाद उसके सपने को पूरा करने के उद्देश्य को लेकर चलते है । उसमे खुद को पूर्ण समझने लगते है ।

सच्चा प्यार साथी को देना चाहता है जब मांगने की इच्छा जुड़ जाती है उसे आकर्षण कहा जाता है आजकल प्यार को आकर्षण कहना सही होगा । क्योंकि यह अधूरा मिलने पर खत्म करते देर नहीं लगाते है । उनके अंदर तू नहीं तो और सही का भाव रहता है । त्याग करने से अधिक पाने की इच्छा सच्चे प्यार मे नहीं होती है।

आजकल इस तरह के प्यार को प्लेटोनिक प्यार कहा जाता है । जहां इंसान दूसरे के सुख की खातिर जीता है । आज भी भारतीय परिवेश मे इस तरह का प्यार अधिक मिलता है क्योंकि इसमे शारीरिक रूप से प्राप्त करने की इच्छा नहीं होती है । आज भी अधिकतर भारतीय शारीरिक संबंध एक से बनाते है लेकिन प्यार वह अनेक से करते दिखाई दे जाएंगे जिसके लिए अपना सुख दुख भी भुला देते है ।

 पत्नी का पीछे चलना 

भारत मे लड़के अधिकतर लड़की से कुछ बड़ी उम्र के ढूँढे जाते है । जिसके कारण उनका ज्ञान अधिक होता है । लड़कों को बाहर घूमने दिया जाता है जिसके कारण वह बाहरी माहौल को अच्छी तरह से जानते है वे लोगों के स्वभाव को जानते है । वह अपनी पत्नी को गलत निगाहों से बचाने के लिए आगे चलते है । वह उसका मार्ग निर्देशित करते है ।

उनके आगे चलने से लोगों को आभास हो जाता है इसके लिए लड़ने वाला है इसलीये गलत तत्व बुरा व्यवहार करने से रुक जाते है । अकेली औरत को देखकर लोगों का व्यवहार बदल जाता है जबकि पुरुष को औरत के आगे चलते देखकर वह संयम बरतते है ।

भारत मे औरत को दोयम दर्जे का समझा जाता था जिसके कारण उसे पीछे चलने के लिए मजबूर किया जाता था । वह यदि आगे निकल भी जाती थी तब उसे पीछे चलवाया जाता था । वैसे गाड़ी के हर पहिये की जरूरत होती है कोई अच्छा या बुरा नहीं होता है । गाड़ी के हर पहिये को कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है उससे रफ्तार मे अंतर नहीं आता है । उसी प्रकार विपरीत स्थिति मे पत्नी पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाती दिखाई दे जाएगी । पत्नी के अलग होने की स्थिति मे पुरुष भी पूरी जिम्मेदारी से परिवार संभालते है ।

पुरुष और औरत मे अलग गुण होते है । पुरुष व्यवहारिक निर्णय करने मे सक्षम होते है औरत भावनात्मक स्तर पर और रिश्ते संभालने मे निपुण होती है । व्यवहारिकता के कारण पुरुष पैसा कमाते है । जिससे घर के काम चलते है । औरत के कारण रिश्ते बने रहते है । संबंधों मे मधुरता आती है ।

जीवन मे किसी को मजबूत या कमजोर कहना गलत है दोनों साथ रहकर मजबूत महसूस करते है । अकेले होने पर सामान्य व्यवहार नहीं कर पाते है । आप साथी के बिछड़ने पर दोनों के व्यवहार मे अंतर देख सकते है । दोनों को देखभाल की जरूरत पड़ती है ।

औरत मानसिक रूप से पुरुष से अधिक मजबूत होती है । जबकि शारीरिक रूप से कमजोर होती है । वह विपरीत स्थिति मे जिंदा रह सकती है जबकि पुरुषों के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होने पर भी विपरीत स्थिति मे जीवन जीना दुखदाई हो जाता है उन्हे विक्षिप्त होते देखा जा सकता है वह चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगते है ।

भारतीय समाज मे लोगो को सामान्य व्यवहार करने से रोकने की कोशिश की जाती है । पुरुष मानसिक रूप से मजबूत नहीं होते लेकिन उन्हे कमजोर भावना व्यक्त करने से रोका जाता है जिसके कारण वह घुटन का शिकार हो जाते है । उन्हे अनेक तरह की बीमारियाँ घेर लेती है वह अपनी भावना को व्यक्त करने से घबराते है वह अनचाहे मजबूत बनने के चक्कर मे मन की बात मन मे रखते है जिसके कारण वह सामान्य जीवन नहीं जीते है । मन ही मन घुटते रहने के कारण वह जल्दी दुनियाँ से चले जाते है । औरत हमेशा मन का गुबार बोलकर निकाल देती है जिसके कारण लंबा जीवन जीती है ।

भारतीय पत्नी मजबूत और भरोसेमंद साथी होती है जिसपर लोग आँख बंद करके विश्वास करते है । उसके होने पर परिवार विपरीत स्थिति मे हमेशा सुरक्षित रहता है । सबसे पहले वह परिवार के हर सदस्य की रक्षा के लिए कवच बन जाती है उसके बाद ही बाहरी तत्व परिवार को हानि पँहुचा पाते है । पति भी परिवार के मामले मे पत्नी पर आँखमूँद कर विश्वास करते है । उन्हे बच्चों का सबसे बड़ा सहारा पत्नी नजर आती है । जिसके कारण वह बाहरी दुनियाँ की परेशानियों से टकरा जाता है ।

आधुनिक समय मे नारी के लिए पीछे चलना जरूरी नहीं है । मै पति से ज्यादा तेज चलती हूँ । क्योंकि नौकरी और घर की अधिकतर जिम्मेदारी संभालने के कारण काम तेजी से करने की आदत है जिसके कारण तेज चलती हूँ । पति तेजी से काम करना पसंद नहीं करते जो उनके हर काम मे दिखाई देता है । अब तेजी से काम करना मेरी आदत मे शुमार हो गया है । अधिकतर मध्यमवर्ग की औरते काम पूरा करने के चक्कर मे तेजी दिखाती है वरना उनका काम पूरा नहीं हो पाता है । अब समाज का दबाब भी पीछे चलने के लिए मजबूर नहीं करता है ।

जीवन मे कोई भी नियम स्थाई नहीं होते है । उनमे स्थायित्व देखना गलत है । जीवन बदलाव का दूसरा नाम है ।

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...