#families break up due to anger and pride

    तलाक श्रृंखला 

 गुस्से और घमंड के कारण टूटते परिवार 

   इंसानी आदत ऐसी होती है। लोग मन से दुखी होते है उस दुःख से बाहर निकलना चाहते है लेकिन अपने घमंड के कारण झुकने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे में उन्हें घर में रहना ,खाना और पीना कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा होता है। लेकिन घमंड के कारण सब कुछ खत्म कर लेते है। पर शब्दों के माध्यम से सामने वाले को माफ़ करने के लिए तैयार नहीं होते है। 

         मैंने ऐसे इंसान भी देखे है  जो सामने वाले की एक गलती  माफ़ नहीं कर पाते  और पूरा जीवन अलग रहते हुए  छटपटाते रहते है।

        वे एक बार झुकना नहीं चाहते बल्कि दुसरो की सुखी जिंदगी को देखकर जलते रहते है। वे एक बार भी  नहीं समझ पाते ,उन्हें   जिनकी   जिंदगी सुखी लग रही है। उन्होंने जीवन में बहुत समझौते किये होते है। उन्हें सुख थाली में परोस कर नहीं मिले बल्कि इसके लिए उन्होंने खुद  बहुत प्रयास किये है।  

     लोग सुख की उम्मीद ऊपर वाले से करते है। वे पूजा पाठ  के माध्यम से हर समय भक्ति में लगे रहते है लेकिन जिसके सामने आकर  शब्दों को संभालने की जरूरत होती है उसके सामने आने से भी कतराते है उनका मुँह भी नहीं देखना चाहते  ऐसे में  वे अपने जीवन को खुद ही यातनामय बनाते चलते है।

        उसके  लिए प्रयास करने वाले भी उन्हें दुश्मन लगने लगते है। उनपर भी गुस्सा उतारने में उन्हें देर नहीं लगती। वो कुछ समय बाद बहुत चिड़चिड़े हो जाते है। उनके सामने आने से शुभचिंतक भी डरने लगते है। वे अपनी जिद के कारण अपने आप और सभी को नुकसान पहुंचा रहे होते है। 

      अपनी इस आदत के कारण एक दिन वे एकाकी हो जाते है। उस समय वे ऐसे लोगो को ढूंढ  रहे होते है। जिससे वे अपने मन की बात साझा कर सके लेकिन  वे इस समय तक अपने सभी हमदर्दो को खो चुके होते है। क्योंकि कब तक  कोई अपना अपमान करवा सकता है। हर चीज की एक सीमा  होती है। 

    उस सीमा  के खत्म होने से पहले संभलने  में  बुराई नहीं है। आप एकाकी रहकर दुखमय जीवन बीता कर अकेले मौत को गले लगाओ। इससे अच्छा है सामने वाले को माफ़ कर दो। 

        इससे अच्छा है सम्बन्धो को सुलझाने के लिए कदम उठाये जाये।  जिंदगी हमे एक बार मिली है। उसे हर समय दुःख में बिताने की जगह कुछ झुक जाये ,यदि सामने वाला झुकने के लिए तैयार है। उसे माफ़ करने में कोई बुराई नहीं है।

         भारतीय समाज में एक का दुःख पुरे परिवार का दुःख होता है ऐसे मे  अपने जीवन में खुशियां वापिस लाने  में कोई बुराई नहीं है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...