#EXPRESS LOVE THROUGH FOOD

 तलाक श्रंखला 

      खाने के माध्यम से प्यार का इजहार 

  जो लड़कियां प्यार करके शादी करती है। वे बहुत लाढ -प्यार  से पली  होती है। उनपर घर की जिम्मेदारी का बोझ डाला नहीं जाता बल्कि सपनो की दुनियां में पलने वाली लड़कियां होती है। जब ससुराल में आकर उन्हें सारी  जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा  जाता है। तब  वे एकदम धरती पर आ गिरती है।

         वे घर के काम संभालने की कोशिश करती है। लेकिन काम में गलती होती जाती है क्योंकि उससे पहले उन्होंने काम नहीं किया होता है। क्योंकि पहली बार काम में गलती सभी से  होती है। मायके में यदि बेटियां काम करे तो गलत काम पर भी कोई उसके  काम में नुक्स नहीं निकालता जबकि ससुराल में सही काम में भी  नुक्स ढूंढे जाते है  उस समय उसका मजाक उड़ाया  जाता है। उनका अनेक प्रकार से अपमान किया जाता है तब उनके अंदर की ख़ुशी और  आत्मविश्वास खत्म होता जाता है।

      यहां तक जब उसके हाथ का बनाया हुआ खाना ठुकरा कर या फेंक कर चले जाते है। कई बार तो खाना फेंकते समय इतना भी नहीं सोच पाते कि  उस थाली से बहु को चोट तो नहीं लग रही. माना  ख़राब खाना खाना  सबके बस की बात नहीं होती लेकिन उस अनजानी  लड़की की भावनाओ को समझने की कोशिश कितने लोग करते है। जिसने पहली बार  सबको खुश करने के लिए खाना बनाने  की कोशिश की होती है।    सोचो उसका कैसा हाल  होता होगा।

         वह पति जो शादी से पहले प्राण देने के लिए तैयार रहने की कसमे  खाता  था। जब वही अपमानित करने वालो में शामिल हो जाता है तब उसके दिल पर क्या गुजरती होगी। वह उसके बाद जिंदगी भर खाना बनाने का विश्वास  अपने अंदर नहीं जुटा  पाती। 

     मैने  ऐसी औरते भी देखी  है। जो ऐसे माहौल के बाद कभी भी खाना नहीं बनाती।  यहां तक उस इंसान से पैदा हुए बच्चो को  भी खाना बना कर देने के लिए तैयार नहीं होती। उस बच्चे की सारी  जरूरते पापा पूरी करते है  यहां तक ऐसे घरो में  बेटी की जिम्मेदारी भी माँ नहीं लेती । वह उस बेटी को भी बाप के भरोसे छोड़ कर उसी घर में रहते हुए अपनी जिंदगी जीती थी। उसका सारा मोह खत्म हो जाता है।  . 

     वे सारी  जिंदगी नौकरानी के हाथ से खाना बनवाती है। जब काम वाली नहीं आती तब बाहर जाकर या बाहर से खाना मंगवा कर खाती  है। पुराने समय में तलाक नहीं होते थे लेकिन उस जमाने में भी घरो में तलाक जैसा माहौल देखा जा सकता था। 

      इसके बाद  यदि  पति अपने कृत्य की सारी  जिंदगी माफ़ी मांगता रहे। लेकिन उसे माफ़ी नहीं मिलती ।

      आज के समय  औरत अपना बदला तलाक लेकर पूरा करती  है।  कुछ समय बाद किसी अन्य के संग फिर से गृहस्थी बसा लेती है।

       दोनों तरीके मेरे हिसाब से गलत है। आपको क्या सही लगता है सोच कर देखो ?

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