सिरकटी लाशो का बदला (नौशेरा )
जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी थी तबसे सेनिको की मौत की खब्रों से मन दहल उठता था। लोगो के मन में बेकसूर सेनिको की मौत सोचने पर मजबूर करती थी। इतनी लाशे देखने के बाद कितनी माये अपने लालो को मौत की चादर में लपेटने के लिए तैयार होंगी। इससे पहले इस तरह की खबर आम नहीं होती थी जबसे मोदी सरकार सत्ता में आयी रोज ऐसी खबरे सुनाई देने लगी। मुझे भी इन्हे सुनकर घबराहट होती थी। .उनके घायल, तिरंगे में लीपटे शब और कश्मीर में जनूनी जनता के द्वारा हताहत सेनिको की बेबसी देखती थी।तब मुझे बहुत गुस्सा आता था। सरकार ने सेनिको को किस तरह पंगु बना दिया है जिसके कारण वे हाथो में हथियार होते हुए भी सहनशक्ति की मूर्ति बनकर पत्थर खाये जा रहे है ,खून से नहाये हुए सैनिको को देखकर दिल में विचार आते थे इस तरह घायल सेनिको के मन में आक्रोश नहीं उभरता होगा। जब तुमने हमे अपनी रक्षा करने के काबिल नहीं छोड़ा तो वक्त आने पर अन्य को बचाने की कोशिश में अपनी जान क्यों दे। आम इंसान इतना घायल होने पर दुसरो की मदद के लिए आगे कभी नहीं आ सकता।
आज मेजर गोगोई का मेडल मिलना इस बात को बताता है। इस सरकार ने कुछ हुकूक सेना को भी दिए है। जिसके हाथो में हथियार है उसके लिए ऐसी नाइंसाफी सहन करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने नौ सौ की भीड़ में से एक को पकड़ कर जीप से बांध कर उसे घुमवाया था जिसके कारण विपक्षी दलो ने सैना की कार्यवाही को मानवीयता के खिलाफ दर्शाया था। उनकी वोटों की राजनीति सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही है इसकी कोई परवाह नहीं कर रहा था।गोगोई का बयान की हमने नौ सो लोगो को बचाने के लिए यह काम किया था। क्योंकि सैनिको के हथियार यदि चल जाते या उस भीड़ को रोका न जाता तो आप ही सोचिये क्या हो सकता था।
अभी नौशेरा के बंकरो का तोड़े जाने की खबरे मुझे उन सिर कटी लाशो का बदला लग रहा है। अपने साथियो की सिरकटी लाशो को देखना कितना दहशत भरा होता होगा। उनका कितना खून खोलता होगा। सेनानायक ने तभी एलान कर दिया था इसका बदला लेकर रहेंगे। जो उन्होंने नौ मई को नौशेरा के बंकरो को नेस्तनाबूत करके ले लिया। हमारे परमजीत और प्रेमसागर जैसे जवानो को सरहद पर पहरेदारी करते हुए धोखे से, अकेले देखकर मारा था। उनकी पहरेदारी के कारण वे आतंकवादियों को भारत में दाखिल नहीं करवा पा रहे थे।
इसे पहले UPA सरकार के समय ऐसी दुर्घटना देखकर एक सैनिक का खून खौल उठा था। उसने किसी के आदेश का इंतजार किये बिना पाकिस्तानी सैनिक का उसके देश में जाकर सर कलम कर लाया था। उसके बारे में सुना हे वह आदेश की अवज्ञा करने के कारण आज सलाखों के पीछे पड़ा है।
पिछली बार विपक्षी दलों ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे लेकिन अबकी बार सरकार ने सीधा विडिओ ही दिखा दी। अब देखते है की विपक्षी दल किस बात को मुद्दा बनाते है।
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