बदलते हुए योगी की एक नई पहचान
रामदेव जी का पतंजलि अब ब्रांड बन गया है। वह बहुराष्ट्रीय कम्पनी के सामने प्रतियोगिता बन के खड़ा हो गया है। जिसने उनके लिए प्रतिस्परर्धा त्मक चुनौती ला दी है। उन्होंने वे सारे उपाय आजमाने शुरू कर दिए है। जो अब तक व्यापारी इस्तेमाल करते थे। लोगो के अंदर उन उत्पादों को घर में लाने की होड़ सी मच गयी है। उन्होंने इन्हे बेचने के लिए उच्च स्तर के लोगो को विज्ञापन में लिया हे.हर जगह उनके विज्ञापन दिखाई दे जाते है। उन्होंने पूरे भारत में 6000 दुकानों में अपने उत्पाद बेचने शुरू कर दिए है। लेकिन अब छोटे दुकानदार भी पतंजलि उत्पाद अपनी दुकानों में रखने लगे है।आज से लगभग 50 साल पहले सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय होते थे। जो एक एक करके बंद होते चले गए। एक समय आया जब दिल्ली में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी और अस्पताल नहीं थी। साधारण लोग ढंग की जगह पर जाकर आयुर्वेदिक उपचार नहीं करवा सकते थे। वैद्य के पास छोटी जगहों में रहने वाले केवल गरीब और लाचार लोग ही उपचार के लिए जाते थे।
अब रामदेव जी के कारण आयुर्वेद में भरोसा पैदा हो गया है। उनकी औषधियां,अस्पताल ,खाद्य पदार्थ और इलाज करवाने में लोग शान से बखान करने लगे है। मेरी जान -पहचान के लोग अब स्वास्थ्य लाभ के लिए भारत से ही नहीं विदेशो से आयुर्वेदिक औषधालय में आने लगे है। उन्हें देखकर गौरव की भावना पैदा होती है।
लोगो के मन में एलोपेथिक इलाज का नशा उतरने लगा है। क्योंकि ये एक समय में एक अंग का उपचार करती है। ये दवाइयाँ किसी और अंग को नुकसान पंहुचा रही होती है। इनके चंगुल में फंसने वाला हमेशा के लिए मरीज बन कर रह जाता है।
भारतीय योग और आयुर्वेद दोनों मिलकर इंसान को तन और मन दोनों से हमेशा के लिए निरोग बना देता है। इसके किसी और अंग पर विपरीत असर नहीं होता है।ये दवाइया एक समय में सभी अंगो का उपचार करती है। इनके द्वारा मानसिक और शारीरिक बीमारियों का खात्मा हो जाता है।
मेने काफी समय से प्राणायाम के बारे में सुना था लेकिन प्राणायाम कैसे किया जाता था। मुझे पता नहीं था। इसे जानने का कोई उपाय भी नहीं मिल रहा था। हमेशा ऋषि -मुनि इसका प्रयोग करके स्वस्थ होते थे। ये उनके लिए बनाया गया है। साधारण लोग इसे सीख नहीं सकते।
इसे सीखने का तरीका रामदेव के द्वारा जानकर में बहुत हैरान हुए। ये बहुत आसान था इसके द्वारा हमारे शरीर की 90 % गंदगी साँस के द्वारा बाहर निकल जाती है। प्राणायाम के द्वारा हमें साँस लेने का सही तरीका बताया जाता है। मानव जीवन पर्यन्त साँस लेता है। लेकिन अस्वच्छ वायु और साँस लेने का गलत तरीका हमें बीमार बनाता है।
मोदी जी ने आयुर्वेद और योग के प्रचार के लिए पुरुस्कार की घोषणा करके लोगो को प्रोत्साहित किया है। जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम आएंगे। उन्होंने अर्थ को परमार्थ के साथ जोड़ कर सर्वसुलभ तक पहुँचा दिया है। इनसे पहले योगी केवल योग साधना तक सीमित रहते थे। लेकिन इन्होने योगी की छवि बदल दी है।
पतंजलि औषधियों ,खाद्य -पदार्थ से लेकर सौंदर्य प्रसाधन भी बनाने लगा है। इनमे किसी तरह का केमिकल इस्तेमाल नहीं किया जाता हे इनके उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम है। जो प्रत्येक घर में स्वीकार्य है। इन्होने भारत के कई राज्यों में उत्पादन इकाइयां शुरू की है। अब कश्मीर में भी इसकी शुरुरात कर रहे है।
ये केवल पुराने आयुर्वेदिक तरिके तक सीमित नहीं है। बल्कि इनके रीसर्च केन्द्रो में बीमारियों के ईलाज की नई दवाइया ईजाद करने के लिए 200 वैज्ञानिक नियुक्त किये है.
11 साल पहले ये साईकिल पर अपने उत्पाद बेचा करते थे। आज इनका ब्रांड प्रत्येक घर तक पहुँच गया है। अब इन्होने शहीदो के बच्चो के लिए विद्यालय खोलने की घोषणा की है।यह सराहनीय है।
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