मुगलो को आक्रांता कहने का साहस
आज पहली बार राजनीतिक मंच से योगी आदित्यनाथ जैसे नेता ने मुगलो को आक्रमणकारी कहने की हिम्मत दिखाई है। इससे पहले अन्य किसी नेता के द्वारा ऐसा नहीं कहा गया क्योंकि उनमे साहस की कमी थी।
बचपन से इतिहास में हमेशा पढ़ा था मुसलमान मंगोलिया , तुर्क और ईरान से भारत में आये। उन्होंने भारतीय धर्म पर आघात करने के लिए मंदिरो को तोडकर सारी धन -दौलत लूट कर ले गये या लोगो की भावनाओ को आहत करने के लिए उनपर मस्जिदे बनवा दी लेकिन सच्चाई जानते हुए भी कोई नेता आवाज उठाने के लिए तैयार नहीं था। क्योंकि उन्हें लगता था उनका मुस्लिम वोट दूसरी पार्टी के पास चला जायेगा ।
महमूद गजनी और मोहम्मद गौरी ने भारत पर कई बार आक्रमण किया। बाबर से पहले इन आक्रांताओ ने भारत को लूटकर अपने देश की सम्पदा बढ़ाई। लेकिन बाबर इस हरी -भरी जमीं की दौलत और शानो -शौकत को देखकर यही रुकने के बारे में सोचने लगा।
उसके वंशज हुमायु ,अकबर और जहाँगीर आदि राजाओ ने बर्षो राज किया। उन्हें भारतीयों ने अपना मुक़ददर समझ लिया। उन्होंने भारतीय शिवाजी ,राणाप्रताप जैसे राजाओ को महत्व देना बंद कर दिया जिन्होंने सारी जिंदगी भारतीयों को आजादी दिलवाने में होम कर दी।
इन आक्रांताओ ने हिन्दू धर्म के विनाश के सभी उपाय किये। लोगो को जबरदस्ती मुस्लिम बनाया। लेकिन आज वे ही मुस्लिम अपने को सच्चे मुस्लिम समझ कर हिन्दुओ और हिंदुस्तान से नफरत करते है जबकि पुराने समय में वे हिन्दू ही थे।विदेशो से आने वाले केवल 10 % मुसलमान थे जबकि 90 %भारतीय हिन्दुओ का धर्म बदलवाकर मुसलमान बनाया गया। उनके अंदर की नफरत हमे सोचने पर मजबूर करती है। जो ओरंगजेब ने दूसरा मुस्लिम देश के सपने देखे थे। उसका सपना अब पूरी तरह से सच हो रहा है।
- हिन्दू भारत को हिंदुस्तान कहते हुए डरता है। जबकि भारत में रहने वाला मुस्लिम इसी देश में रहते हुए
- इसके झंडे जलाता है
- पाकिस्तान का झंडा फहराता है।
- अपने राज्य या इलाको से हिन्दुओ को बाहर निकालने में अपनी पूरी ताकत लगा देता है।
- पाकिस्तानी नेताओ को अपने आयोजनों में बुलाकर गौरवान्वित होता है
- भारतीय प्रधानमंत्री को बुलावा देना उनके लिए शर्म की बात है। यदि ये भारत को अपना देश समझते तो इस देश के नेताओ का भी समर्थन करते। उन्हें अपमानित करने की कोशिश नहीं करते।
- हिन्दू धर्म ग्रंथो और संविधान को जला देना उनके लिए आम बात है
- भारतीय राष्ट्रीयगान को गाने में अपनी तौहीन समझते है
- किसी मस्जिद और मजारो पर आने वाले दान पर उन्ही का अधिकार होता है जबकि मंदिरो के दान पर टैक्स देना पड़ता है
भारत के आलावा किसी अन्य देश में यदि ऐसी हरकते की जाये तो उन्हें देश में रहने का अधिकार नहीं मिल सकता केवल भारत ही ऐसा देश है। जहाँ मुस्लिम नागरिक किसी के लिए कुछ भी गलत कह सकता है। लेकिन कोई भी उनका विरोध करे तो उसे धर्मनिरपेक्षता के रस्ते की बाधा करार दिया जाता है. राजनेता भी सच्चाई का सामना करने से डरते थे इसलिए इससे पहले कभी कोई नेता मुखर नहीं हुए।
आज योगी जी ने जनता की आवाज को पहचान कर साहस दिखाया है।
कोई भी मुस्लिम भारत को अपना देश मानने के लिए तैयार नहीं है। शाहरुख़ खान जैसे अभिनेता को भारत में रहने से डर लगता है। लेकिन कभी किसी और देश में जाकर पनाह मांगते नहीं देखा या किसी भारतीय की भलाई के लिए कोई परोपकार करते नहीं देखा गया। ये लोग केवल पाकिस्तान को ही अपने धन के दर्शन कराते है।
में केवल यही चाहती हु भारत में रहने वाले सभी भारत का सम्मान करे अन्य धर्म के लोगो को भी सम्मान की दृष्टि से देखे।
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