#today"s heartbroken romiyo

 आज भी लड़कियाँ अपने हालत का सामना खुद करने में असमर्थ है। उन के लिए शब्दों में अपने दुःख को बयान करना बहुत मुश्किल होता है। वे पिटती  है पर विरोध करने की जगह ,रोती रहती है। दुनियाँ में बदनाम होती रहती है। लेकिन शब्दों में उसका जिक्र करने से खौफ खाती रहती है।
     मुझे लड़कियों की कमजोरी बहुत दुःख देती है। वे अपने बराबर के इंसान को इतना बलबान समझ लेती है कि पिटने  के बाद भी आँखों में आंसू उनके दुःख को बता रहे होते है  लेकिन होठ चुप रहते है।
      एक लड़की रेखा  पूरे इलाके में बदनाम हो रही थी। उसके बारे में अनेक खबरे आ रही थी। लेकिन इतनी छोटी लड़की की रुसवाई का यकीं करना मेरे लिए मुश्किल था। मै उसके लिए कुछ अच्छा कर नहीं सकती थी तो उसकी बुराइयों में हिस्सा लेने वालो का साथ देना मेरे लिए बहुत मुश्किल होता था।
    मेरे दिमाग में बहुत सुंदर लड़की लोगो की नजरो का शिकार हो सकती थी लेकिन वह लड़की कोई खास सुंदर नही थी। काले रंग की साधारण नक्श की लड़की थी। उसके काम करने का तरीका किसी को प्रभावित नहीं करता था। जो काम करती थी वो समय के बीत जाने  के बाद ,आधा -अधूरा होता था।
   एक दिन उसने रोते हुए अपना दर्द बयान किया। कि उसकी मम्मी दुर्घटना में बुरी तरह घायल   है। वह लाख कोशिशों के बाद भी  घर को पूरी तरह संभाल नहीं  पा रही है। वह केवल 14 साल की उम्र की थी  घर की बड़ी लड़की होने के कारण घर की सारी जिम्मेदारी उसे उठानी पड़ती है। जिसके कारण वह व्यवस्थित नहीं हो पाती है। इस तरह अव्यवस्था के बीच कई साल बीत गए.
       जब वह 16 साल की हुई उसकी माँ दुनिया से प्रस्थान कर गयी। वह अपना दर्द माँ के आभाव में किसके सामने बयान करे उसे समझ नहीं आता था। पिता के सामने मुखर होने से उसे झिझक हो रही थी।
      एक दिन वह बहुत बुरी तरह रो रही थी। उसकी सिसकियाँ मुझे बेचैन करने लगी। मैने उसका मुँह धुलवाया। और पानी पिलाया। जिससे वह शांत हो कर अपनी बात बता सके। उसे शांत होने में काफी समय लगा।
   उसने कहा -"अब   उसकी माँ मर चुकी थी। वह पिता के सामने अपने बारे में बताने में असमर्थ थी।  "
        एक लड़का रणधीर  हर वक्त उसका पीछा करता था। जो उसकी गली का लड़का था। जिसकी अभी  पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी। लेकिन उस पर प्यार का नशा इस कदर हावी हो गया था। खुद पढ़ता नहीं था। उसे भी पढ़ने नहीं देता था। हर वक्त उसका समय रेखा का पीछा करने में लगा रहता था। जिससे उसका मन किसी काम में नहीं लगता था।
     रणधीर उससे बहाने बना कर बात करने की फ़िराक में रहता था। उसे जबरदस्ती अपनी बाइक के पीछे बैठने के लिए मजबूर करता था। यदि मना करती थी। तो बहुत मारता था। लोगो को उसका बाइक पर बैठना तो दिखाई देता था लेकिन किस मजबूरी में वह बाइक पर बैठती है ये किसी को दिखाई नहीं देता था।
        मैने इस का जिक्र उसके घर में किया तो उसके पिता ने विद्यालय के समय उसके पीछे आना शुरू किया जिसके कारण वह उसे रस्ते में रोकने से बचने लगा। लेकिन कितने दिन तक उसके पिता उसकी रखवाली करेंगे मुझे समझ नहीं आया।
     .  उनसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा तो उन्होंने इससे मना कर दिया इसके कारण मेरी बेटी बदनाम हो जाएगी।
    बड़ो की ऐसी सोच मुझे सोचने पर  मजबूर करती है। यदि आज भी लड़कियों को हर वक्त मजबूत सहारे की जरूरत पड़ेगी तो कितने दिन तक उसके पिता उसे घर में रख कर पढ़ाई करवाएंगे। मुझे लगता है जल्दी ही वे इस जिम्मेदारी से मुक्ति के लिए उसका किसी भी इंसान से विवाह कर देंगे।
     मेने उस लड़की को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा देनी शुरू कर दी है। जिससे वह किसी के कंधे का सहारा लेने की जगह मजबूती से अपने दम पर उस जैसे लड़को का सामना कर सके।
          उसे हर कदम पर प्यार के मारे नासमझ मजनू मिलेंगे। जिन्हे मालूम ही नहीं  जिंदगी केवल प्यार के भरोसे नहीं बिताई जा सकती। जीवन में पैसे की भी जरूरत होती है  यदि रणधीर पढ़ाई में ध्यान लगाए तो एक दिन सफल होने पर उसे इस तरह की छिछोरी हरकते करने की जरूरत नहीं पड़ेगी रेखा के अभिभावक खुद उसके घर रिश्ता लेकर आएंगे।
     यदि आप मेरी बात से सहमत है तो like और शेयर करे। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...