#rajnitik dhancha

             
  हमारा राजनीतिक ढांचा इस कदर बिगड़ गया है कि लोगो के अंदर देशभक्ति की भावना खत्म हो गयी है। उन्होंने  केवल अपने आज को संवारने में सारी ताकत लगा दी  है। हमारे देश के  अधिकतर विश्विद्यालयों को देशद्रोहियो का अखाडा बना दिया गया है। कुछ लोगो ने स्वार्थवश ऐसा किया है वे हमारे नेता बनने का दम्भ भरते है।
       उन्होंने  वोट बैंक  बढ़ाने के सारे हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए है। उनकी मंशा देखकर लगता है पाकिस्तान को फौज रखने की जरूरत नही है। उसे भारत और कश्मीर सौगात के रूप में हमारे नेता थाली में सजाकर सौपने के लिए तैयार है।
         पहले इस तरह के नारे कभी -कभार सुनाई देते थे लेकिन पहले हैदराबाद में ,फिर जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में, दिल्ली विश्विद्यालय में अब ये ज्वाला जाधवपुर विश्विद्यालय तक पहुँच चुकी है।  हमारे बच्चे देशद्रोही नही है। उन्हें भड़काया या लालच देकर इस तरह के बयान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये नेताओ की सोची समझी नीति है जिसके कारण हमारे युवा अपनी सोचने की ताकत गवा बैठे है। ये युवा किसी दूसरे देश से नही आये बल्कि ये हमारे चारो और फैले बच्चे है जिन्हे बरगलाया गया है। 
         भारतीय विश्विद्द्यालय कश्मीर को आजाद करने ,अफजल की फांसी का  बदला , कसाब और मकबूल भट्ट  की फांसी का विरोध अब कर रहे है। जबकि इनको मोदी के शासन से पहले फांसी दी गयी है। आरएसएस ,बीजेपी और मोदी सरकार के विरोध में नारे लगाने का तुक अब समझ नही आ  रहा है। इनकी बरसी मनाई जा रही है। इससे क्या प्रकट हो रहा है.
      पहले समय में विरोधी पार्टिया  जनता का ध्यान हटाने के लिए दंगा करवाती  थी। अब दंगो के स्थान पर युवा आंदोलन करवाये जा रहे है।मुझे जानकर हैरानी हुई इस सारे प्रपंच के कारण आप पार्टी से 3900 और कांग्रेस  पार्टी से ३००००० लोगो ने अपनी सदस्य्ता त्याग दी है। 
       हमारे सिख नेता जो कांग्रेस की सदस्य्ता छोड़ चुके है उनका बयान मुझे सोचने पर मजबूर कर रहा है। उनके अनुसार पहले पंजाब में कांग्रेश ने भिंडरावाला जैसे लोगो को खड़ा किया। उसके द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा दिया। जब वह उनके नियंत्रण से बाहर होकर खालिस्तान देश की मांग करने लगा और पंजाब आतंकवाद का पर्याय बन गया तब उसे हरमिंदर साहव के अंदर मरवा दिया गया। इन सब में पंजाब के 36000 लोगो ने अपनी जान गवाई।  जिस समय पंजाब में आतंकवादियों की सेना तैयार की गयी थी तब उस समय के नेताओ ने सोचा भी नही होगा उनके कारण इस तरह का बबंडर मच जायेगा। 
      उन्होंने कहा है - जितने लोग शहीद हुए है उनकी विधवाए , घायल और अपंग सैनिक विरोध स्वरूप जंतर -मंतर पर धरना देंगे। 
       पाकिस्तान में विराट कोहली के प्रशंसक के द्वारा घर की छत पर तिरंगा फहराने की सजा के तौर पर 10 साल जेल में रहना पड़ेगा। उस देश में कोई इंसान पाकिस्तान का झंडा जलाने या देश विरोधी नारा लगाने की हिम्मत कर सकता है। वहाँ किसी नेता ने उस इंसान के लिए आंसू बहाने की गुस्ताखी नही की। 
       ये भारत ही ऐसा देश बन गया है। जहाँ  सेनिको या पुलिस कर्मियों की शहादत पर राजनीतिक पार्टिया आंसू नही बहाती बल्कि देशद्रोहियो के आंसू पोंछने फटाफट पहुंच जाती है। इससे तो लोगो को यही प्रेरणा मिलेगी" देशभक्त बनने की अपेक्षा देशद्रोही बनने के ज्यादा फायदे है।"
      हमारे सैनिक अपने परिवारो से दूर रह कर 24 घंटे देश की रक्षा में लगे रहते है। इस तरह के बयानों  से उनका मन कड़वाहट से नही भर जायेगा। कोन अपने लालो को सेना में भेजने के लिए तैयार होगा। उनकी शहादत की  कीमत उनका पूरा परिवार सारी जिंदगी आँसुओ में डूब कर बीताता है। 
      हमें देश के नौजवानो के अंदर देशभक्ति की भावना भरने की कोशिश करनी चाहिए ना की देश को नुकसान पहुंचा कर बदनाम करने की। 

      
         

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