उदयपुर पैलेस 2
वहां पर विशेषतौर पर राजा रानियों से सम्बंधित कपडे और जेवरात रखे हुए है। इसके आलावा उनकी उन कपड़ो को पहने हुए तस्वीरें भी लगी हुई है। उनके जेवर आदि देखकर हैरानी होती है। राजघराने की पुरानी और नयी तस्वीरें रोमांचित कर देती है। हम जैसे साधारण लोग खुद को को राजा -महाराजा के रूप में महसूस करने लगे।
हमारे घरो में चांदी मुश्किल से आधा किलो मिलेगी। लेकिन वहाँ पूरा एक महल चाँदी के सामान से सजा हुआ था। जिसमे प्रत्येक बर्तन कम -से -कम दस किलो का होगा। ऐसे बर्तन बहुत सारे थे। वहां पर चांदी का घोडा, हाथी पर बैठने का हौदा ,बग्गी ,दरवाजा जैसे बड़े -बड़े सामान देखकर आंखे खुली रह गई।
हम अपनी थोड़ी सी चीजों पर घमंड करते फिरते है। वहां पहुंचकर लगा हमारी इनके सामने कोई हैसियत नहीं है। हम जैसे लोग केवल टिकट लेकर उन जगहों पर जाने का लुत्फ़ उठा सकते है।
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