पोर्टब्लेयर की जिंदगी
पोर्टब्लेयर के. होटल्स में बहुत एहतियात बरती जा रही थी। उन्होंने दरवाजे पर ही हमारे हाथ और सारा सामान सेनीटाइज़ कर दिया। होटल उद्योग भी बर्बादी की कगार पर पहुंचे हुए है। उन्हें भी ग्राहकों की दरकार है। सबसे पहले जिस होटल में हम रुके उसमे हमारे आलावा कोई और पर्यटक नहीं था। यदि हमारे आलावा कोई और होता तो ठहरने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
ऐसी जगहों पर बहुत जल्दी शाम हो जाती है। शहर की रौनक भी शाम होते ही खत्म हो जाती है। शाम के सात बजे लगता है। बहुत रात हो गई है। यहाँ पर नाईट लाइफ के कोई मायने नहीं है। घर से काम और काम से घर वाली साधारण जिंदगी जीने वाले लोगोके लिए यहाँ सुकून है। यदि शांति की तलाश में आये हो तो हर तरफ शांति है। कही भागदौड़ नहीं है। धरती से जुड़े हुए लोग है। यहाँ पर चोरी -चकारी का कोई खतरा नहीं है। आप अपना सामान कही भूल जायेंगे तो वह भी मिल जायेगा।
सड़को पर बहुत कम गाड़ियां चलती है प्रदूषण रहित ,भीड़ -भाड़ रहित सड़के देखनी है तो यहाँ अवश्य आये। कुछ द्वीपों पर कुल दस गाड़ियां है तो कुछ पर कुल दो गाड़ियां मिलेंगी। क्योंकि यहाँ सब कुछ समुद्र के रास्ते आता है। इस कारण आधुनिक चीजे बहुत महँगी पड़ती है। वैसे ही ईंट पत्थरो के मकान भी बहुत महंगे है। यहाँ के लोकल चीजों से बनाई चीजे सस्ती पड़ती है। लेकिन अमीर लोग अपनी अमीरी दिखाने के लिए पैसा खर्चने से नहीं चूकते।
यहां प्राकृतिक चीजों से बने बहुत से जुगाड़ू सामान मिल जायेंगे। मै जिस दुनियां में रहती हूँ वैसी हुबहू चीजे देख्नने का मुझे शौक नहीं है। में उस जगह की विशेष चीजे देखना और जानना पसंद करती हूँ। यहाँ की हर चीज मुझे लुभा रही थी
कंक्रीट के जंगल में रहने वालो के लिए असली अनछुई प्रकृति देखने का अनुभव अनोखा है। जिसका शहरी सभ्यता से मन भर गया है उसके लिए ये जन्नत है। मै जब भी ऐसी जगह जाती हूँ मेरा कमरों से निकल कर बाहर ही घूमने का मन करता है। चारदीवारी में तो शहरो में ही रह लेती हूँ। यहाँ की अनोखी दुनिया देखकर मन ही नहीं भर रहा था।
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