#now helpless husband

                अब बेबस पति 

  जब मेनका के मायके वालो को उसकी मौत की खबर हुई तब उन्होंने उसे इंसाफ दिलाने की हर सम्भव कोशिश की। उन्होंने सारे  संचार माध्यमों के द्वारा उसे न्याय दिलाने की  फरियाद की। उन्होंने अस्पताल के सामने धरना  दिया। उसके घर वालो का नींद और चैन सब उड़ गया। उन्हें मेनका के लिए इंसाफ चाहिए था। जिस महकमे में जाकर फरियाद कर सकते थे ,वहां तक पहुंचे। उन्होंने उसे इंसाफ दिलाने के लिए एड़ी -चोटी  का जोर लगा दिया।                     

         औरत की मौत के बाद सबकी निगाहे बदल जाती है। अब तक जो लोग  महेश को सही ठहराते थे उसे गलत व्यवहार करने का बढ़ावा देते थे।  अब वे उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं थे। सबने उससे मुँह मोड़ लिया था।                     उसको जो अपने मर्द होने  का और अच्छी सरकारी नौकरी का   घमंड था। वह मेनका के दम  तोड़ते  ही खत्म हो गया। अब सबसे    बचा लेने की फरियाद करने लगा. सरकार के सख्त कानूनों के सामने कौन  उसका साथ देता। सभी खुद को पुलिस की गिरफ्त   से बचाने  में लगे थे।  सभी रिश्तेदारों ने उसका साथ छोड़ दिया। 

          महेश बहुत दिनों तक गायब रहा लेकिन अपने घर और नौकरी छोड़कर  कितने दिनों तक बाहर   रहा जा सकता है।  पुलिस की तेज निगाहो से बचना इतना आसान नहीं होता है। एक दिन वह पुलिस के   शिकंजे में आ ही गया।        

          अंतत उसे सरकार के सामने झुकना पड़ा। अब वह जेल में बंद है। उसका कोई साथ नहीं दे सका। उसे कई साल की जेल हो गई है.  जिस   नौकरी का घमंड था वह भी छूट गई है। अब वह जेल के  कमरे में बैठ कर पुराने वक्त को याद  करता है। लेकिन पुराना  वक्त वापिस नहीं आता। यदि वापिस आ सकता तब वह  हर कोशिश करके वक्त को बदल देता।

            यही इंसानी फितरत है। जो पास होता है उसका मोल  नहीं समझता जो दूर चला जाता है उसे याद  करके पछताता है। इसलिए कहते है। हमेशा केवल गर्म नहीं रहना चाहिए। रिश्ते निभाने लिए ;कभी नरम तो कभी गर्म दोनों का तालमेल होना चाहिए। 

        कुछ लोग दूसरो  को देखकर शिक्षा ले लेते है। कुछ तब तक नहीं सुधरते जब तक उस दलदल में नहीं फंसते। उन्हें समझाना  भी चाहे तब वे हमें टोक देते है। हम जैसे लोग ऐसे लोगो के सामने मुँह बंद रखने में ही  भलमनसाहत समझते है। 

        यदि आप इससे शिक्षा लेना चाहो तो बहुतो को बर्बाद होने से बचा सकते हो। 

     अब उनका बेटा  मौसी के यहाँ पल रहा है। उस पांच साल के बच्चे का क्या कसूर था। जिसने अपने माँ -बाप दोनों का प्यार खो दिया। 

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