#the relationship of the unique father & daughter beyond thinking

               सोच से परे अनोखा बाप-बेटी का रिश्ता    




    https://youtu.be/lwWJAGwe3h0
  ये कैसा बाप -बेटी का रिश्ता है जो गले से नीचे नहीं उत्तर रहा। जिस इंसान की दो बेटियां हो वह कैसे अपने से केवल 15 साल छोटी लड़की को गोद लेगा। दो बेटियों के बाप के मन में किसी और की बेटी को गोद लेने की इच्छा पैदा होते इससे पहले कभी नहीं देखी। बेटी का मतलब ढेर सारी जिम्मेदारी होता है।
      जब गुरमीत राम -रहीम हनीप्रीत कौर को गोद  लेने के लिए गया तब वह दूल्हे के समान सज कर रथ पर सवार हुआ था। उसकी सज -धज किसी भी तरह बाप के समान नहीं लग रही  थी।
       जिस बेटी की शादी उसने  9  साल पहले विश्वास गुप्ता से कर दी थी। गोद लेने के बाद उसके साथ हनीप्रीत को  साथ रहने क्यों नहीं दिया। बल्कि उस पर अनेक इल्जाम लगा कर कई बार जेल की सजा खिलवा दी। दूसरी तरफ विश्वास का कहना था -इन दोनों के बीच अवैध सम्बन्ध थे। जिसकी खिलाफत विश्वास ने की जिसका परिणाम उसे अनेक तरह से झेलना पड़ा। उसकी सारी सम्पत्ति और पत्नी तक छीन कर उसे दर -बदर करके  धक्के खाने के लिए मजबूर कर दिया। ये कैसा पिता है जिसने बेटी का घर आबाद करने की जगह बर्बाद कर  दिया। वरना सगा पिता अपना सब कुछ देकर भी बेटी को पति के साथ रहने के लिए मजबूर करता है।या उन दोनों में सुलह करवाने की भरसक कोशिश करता है।
      उसने अपनी सगी बेटी का घर इस तरह बर्बाद करने के बारे में क्यों नहीं सोचा।
        ये कैसा पिता का इंसाफ है जिसमे सगे बच्चो के पास किसी तरह के अधिकार नहीं दिए गए। बल्कि गोद ली बेटी को उसके पति से अलग करके सारे हकूक सौंप दिए गए। राम -रहीम के साथ हर जगह हनीप्रीत दिखाई देती है। उसके आलावा पारिवारिक जन दिखाई नहीं देते।
       लोग अपने बेटे को सत्ता सौंपते है। इन्होने बेटे की तरफ बिलकुल ध्यान नहीं दिया। ऐसे धर्म -गुरुओ के बारे में सोच कर हैरानी होती है जिन्होंने ताकतवर होते ही सामाजिक नियमो को तिलांजलि दे दी।
         एक वीडियो में गुरमीत के साथ उसका परिवार दीप जला रहा है। जिसमे उसकी पत्नी ने हाथ बढ़ाकर दीप जलाने में सहयोग देने की कोशिश की। हनीप्रीत ने पत्नी का हाथ झटक कर अलग कर दिया। उसके बाद गुरमीत की पत्नी किसी भी समारोह में आगे आती दिखाई नहीं देती बल्कि उसकी अनुपस्थिति मन को खलती है। इसको देखकर लगता है बूढ़ी पत्नी की जगह किसी अन्य को दे दी गयी है। यदि  गोद ली बेटी  सगी बेटी से बराबरी करे समझ आती है लेकिन पिता की पत्नी से बराबरी करने लगे तब उसे क्या कहा जायेगा।
        हनीप्रीत राम -रहीम के साथ फिल्म की हीरोइन कैसे बन सकती है। हमारे समाज में बाप -बेटी के बीच निश्चित दुरी होती है। जिसे गलती से कोई नहीं तोडना चाहता। उनकी फिल्म में उनकी भावनाये बाप -बेटी की कम प्रेमी -प्रेमिका की अधिक दिखाई देती है।जहां इस कदर नजदीकियाँ होती है वहाँ अनहोनी होते देर नहीं लगती।
  मुझे सलमान खान का -"दबंग के  गाने में कोरियोग्राफर को सचेत करना याद  आता है । कि   भाभी मलाइका खान के साथ कोई दृश्य साथ  नहीं होना चाहिए।
        राम -रहीम के जेल जाते ही हनीप्रीत क्यों गायब हो गयी। पुलिस को उसके खिलाफ देश -द्रोह का केस दायर करना पड़  रहा है। पा की परी ने कैसे बुरे वक्त में उसका साथ छोड़ दिया। यह कही चढ़ते सूरज को अरग देने जैसा साथ तो नहीं था।
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