रोहिंग्या मुसलमानो के आतंकवाद से जुड़ने से डरा संसार
भारत में रहने वाले मुसलमान अक्सर व्यान देते है। कि उन्हें भारत में असुरक्षा का अहसास होता है। उन्हें किसी और सुरक्षित देश में जाने के लिए कहो तो लड़ने के लिए तैयार हो जाते है। भारतीय झंडा जलाने , भारत को गाली देने ,राष्ट्रीय गान न गाने को सम्मान समझते हे। अपने कार्यक्रमों में भारतीय प्रधानमंत्री को बुलाने की जरूरत नहीं महसूस होती बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को बुलावा भेजा जाता है। जिन जगहों पर मुस्लिम आबादी रहती है उन जगहों पर पुलिस जाते हुए डरती है। ऐसे वाकया अधिकतर सुनाई देते रहते है।कश्मीर और जयपुर के उदाहरण आपके सामने है। जिन जगहों पर मुसलमान आबादी रहती है वहाँ ये सरकारी नियम कायदो को मानने की अपेक्षा समानांतर सरकार चलाने लगे है ,ऐसी गतिविधियों से परेशान होकर म्यांमार सरकार को सैनिक कार्यवाही करके रोहिंग्या मुसलमानो को अपने देश से खदेड़ना पड़ा।
भारतीय मुसलमान भारतीय एकता को खंडित करने पर तुले हुए है। उनकी बयानबाजी भरतीय हिन्दुओ को तोड़ देती है। इस्लामिक 58 देशो में जाने की जगह ये मुसलमान संकीर्ण भारत में क्यों आना चाहते है। ऐसे असुरक्षित देश में वे रोहिंग्या मुसलमानो को बसाने की पैरवी ये भारतीय मुसलमान क्यों कर रहे है।
जिन रोहिंग्या को म्यांमार से उनकी आतंकवादी गतिविधियों के कारण सैनिको की कार्यवाही करके निकाला जा रहा है। जिन्होंने अपनी आतंकवादी गतिविधियों के द्वारा म्यांमार की सरकार के नाक में दम कर दिया था। वहाँ की दस प्रतिशत मुस्लिम आबादी का सामना करने के लिए पुलिस नाकाम रही पुलिस को मौत के घाट उतारना शुरू कर दिया। उन रोहिंग्यों पर नियंत्रण करने के लिए सेनिको को पुरे लाव -लश्कर के साथ उतरना पड़ा। आप सोच कर देखिये शांति -पसंद बोद्धो को अशांति फैलाने वालो का सामना करने के लिए सैनिक कार्यवाही करने का आदेश देना कितना मुश्किल रहा होगा।
उन्हें संसार का कोई देश शरणार्थी के रूप में रखना नहीं चाहता जो देश खुद को इस्लामिक देश करार दे चुके है जैसे मलेशिया ,इंडोनेशिया, थाईलैंड, रूस , चीन ,पाकिस्तान और अफ्रीका इन्हे पनाह नहीं देना चाहते लेकिन भारत पर दबाब डाल रहे है इन्हे अपने देश में बसाओ। सारा संसार मुस्लिम आतंकवाद से त्रस्त है। मुसलमान के बारे में जानते ही सभी की जान सांसत में पड़ जाती है। कही ये आतंकवादी न हो। मुस्लिमो के प्रति ऐसी नफरत की लहर फैल चुकी है।
जिन देशो में मुस्लिम रहते है वे भी आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त मिलने लगे है। ऐसे में रोहिंग्यों को अपने देश में बसाने के बारे में सोचते हुए डर लगता है। मुस्लिम लोगो के अंदर देशभक्ति की भावना दिखाई नहीं देती ये जिस देश में रहते है वहाँ के निवासियों को परेशान करने में इन्हे ख़ुशी मिलती है। इनके अंदर सिर्फ धर्म के लिए क़ुरबानी देना सब कुछ है। अपनी कटटरता के लिए दुसरो की क़ुरबानी देने से इन्हे परहेज नहीं है।
मानवीयता के नाते भारत में पहले ही 40000 लोगो को पनाह दी जा चुकी है। म्यांमार से भगाये गए दस लाख लोगो को सभी देश भारत में बसाने की पैरवी कर रहे है। भारत पहले ही जनसंख्या की विस्फोटक स्थिति में पहुंच चूका है। अपने देश की आबादी को बुनियादी सहूलियतें देने में भारतीय सरकारी तंत्र चरमरा रहा है। ऐसे में इन आतंकवादियों को बसा कर भारतीय अर्थव्यवस्था कराह उठेगी।
मुस्लिम भारतीय इन्हे भारत में बसाने का ठेका ले रहे है। इनकी बस्तिया जम्मू, हरियाणा, दक्षिण भारत ,ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पर्वोत्तर राज्यों में मिल जाएगी .इन्हे अवैध रूप से भारत में बसाने का लोगो ने ठेका लेना शुरू कर दिया है। इन्हे भारतीय राशन कार्ड ,वोटर कार्ड ओट आधारकार्ड तक मुहैया करवाया जा रहा है।
ने के बारे में भारतीय सरकार पर दबाब बनाना चाहते है। भारतीय हिन्दुओ को अपने राज्य से खदेड़ने में जिन मुसलमानो के लिए शान की बात है। उनके अंदर केवल मुसलमानो के प्रति सहानुभूति पनपती है। ये कैसी मानवीयता है। जो केवल मुसलमानो के प्रति पैदा होती है।
जब तक कांग्रेस सरकार रही उन्होंने मुसलमानो के प्रति वफ़ादारी निभाने में सारी ताकत लगा दी। इसी कारण मुस्लिम आबादी 7%से 18 % हो गयी। यदि रोहिंग्या आबादी को बसने की इजाजत दे दी गयी तो भारतीय हिन्दू अल्पसंख्यक बन जायेंगे। जिस कश्मीर में भारतीय रह नहीं सकते। जहाँ से साढ़े चार लाख हिन्दुओ को भगा दिया गया जिनकी पैरवी करने के लिए या जिन्हे कश्मीर में बसाने के बारे में कोई मुसलमान सामने नहीं आता। वे किस मुँह से इन रोहिंग्या आतंकवादियों को भारत में बसा
भारतीयता की उम्मीद मुसलमानो से करना बेकार है। ये केवल कटटर मुसलमान होते है। इनमे देशभक्ति की भावना नहीं होती। ये जिस देश में रहते है। उस देश की आबादी को खत्म करके केवल इस्लामिक देश बनाने में अपनी पूरी ताकत लगा देते है। जिन देशो में मुसलमान रहते है। उनमे किसी और धर्म के लोगो को पनपने का स्थान नहीं मिलता।उन पर इतना अधिक जुल्म किया जाता है। दूसरे धर्म के लोगो को देश छोड़ना पड़ता है या मुस्लिम धर्म अपनाना पड़ता है।
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