kuch sval ma se

                कुछ सवाल माँ से 

 कुछ सवाल माँ से माँ के लिए। ... 
क्यों खुश नहीं होती हो आज जब करती कुछ आपके लिए ?
क्यों नहीं कहती सब से आप  की बेटी नहीं बेटा हू मै  ?
क्यों नहीं आती नींद अब आपको रात में मेरे कारण ?
क्यों नहीं बोलती खुद से यही तो है वो जीती हुँ जिसके लिए ? 
क्यों चाहती हुँ पराये घर जाकर करू और दू वो सब जो सिखाया आपने  ? 
क्या एक मौका न दोगी मुझे कुछ पल आपके लिए ?
क्यों न करने देती हो मुझे कुछ भी अपने लिए ?
परायी  नहीं हुँ माँ ,तुम्हारी  जिंदगी भर की कमाई हुँ 
क्यों नहीं याद दिला पाती  हु मै ?
क्यों सब अपनी कमाई  देते दूसरों को ?
माँ एक विनती है आपसे की जब जाना हो , तब ही दूर  करना ,
पर हर रोज दूर होने की बात का जिक्र मत करना ,
माफ़ी मांगनी थी  हर उस बात की। . 
जिन होठो को बोलना आपने सिखाया ,
उनसे ही कुछ ऐसे शब्दों को बोलकर आपका दिल दुखाया। 
माँ गुरुर हुँ मै आपका बोझ नहीं। ... 
खुद से एकबार बोलो तो सही। ... 
जो रिश्ता बना नहीं उसके बारे में क्या सोचना। .. 
जो जन्म से जुड़ा हे उसको क्यों  छोड़ना। .. 
आज हु आपके पास कल नहीं हुई  तब मत रोना। ......... 
मुग्धा पाठक 

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