#truth of karona

                                          करोना  का सच 

  पिछले दिनों राहुल गाँधी जी ने समाचार में कहा -  "सरकार के द्वारा कोविद के बताये गए आंकड़े गलत है।" मै  इससे सहमत हूँ।  इससे पहले भी कई अन्य लोगो ने इस बात का समर्थन किया है। सरकार  लोगो को डर  से बचाने  के लिए गलत आंकड़े  जारी कर रही  है।
       मेरी पहचान में बहुत सारे लोगो ने इस बात का समर्थन किया है। उनके परिवार के सदस्यों की मौत के बाद जब उनकी लाश नहीं दी गई। तब उन्हें इस बात का अहसास हुआ। उनका परिजन कोरोना से खत्म हुआ है। तब तक अन्य सदस्य भी करोना  से संक्रमित हो चुके थे।
        लोगो की करोना  से मौत होने के बाबजूद उनके मृत्यु प्रमाण पत्र  पर कोई अन्य बीमारी लिखी  जा रही है। मुझे इस सच्चाई पर तब यकीन  हुआ जब मेने मृत्यु प्रमाण पत्र  को अपनी आँखों से देखा। इसलिए सरकार के द्वारा दी जा रही भ्रमित जानकारी पर यकीन करके अपनी जान से खिलवाड़ न कीजिये। भारत में करोना  विकराल रूप ले चुका है।
       आपकी जिंदगी आपके हाथ है। जब तक दवाई बाजार में नहीं मिलती। सरकार के अस्पतालों के भरोसे अपनी जिंदगी को दाव  पर मत लगाइये।  अस्पतालों का बहुत बुरा हाल  है। मरीज ज्यादा और संक्रमित बीमारी होने के कारण देखभाल में लापरवाही बरती जा  रही है।
         प्रायवेट अस्पतालों में भी परिवारिक सदस्य अंदर नहीं जा सकते । डॉ कमरे के दरवाजे से पूछ कर ही इलाज कर रहे है। खाना भी दरवाजे के पास ही रखा जाता है कमरे के अंदर आकर किसी तरह की देखभाल नहीं की जाती है। इलाज का बिल बहुत बड़ा बना दिया जाता है।
         आपकी जान बहुत कीमती है। आपका परिवार इस त्रासदी से कभी उबर नहीं पायेगा। आप अपने परिवार को खड़े रखने वाला स्तम्भ है। इसे गिरने मत दीजिये। सावधान रहे। 

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