मणिपुर में केंद्रीय विद्यालय का इंसाफ
मणिपुर कारण्टीन सेण्टर में सफाई के लिए आवाज उठाने पर झूठी FIR लिखवा कर जेल भिजवा दिया। जमानत नहीं होने दी गई। शनिवार और इतवार की छुट्टी होने के कारण चार दिन जेल में रखा गया इसलिए केंद्रीय विद्यालय से निलंबित करके 4 लड़कियों और एक दिव्यांग लड़के को घर बिठा दिया गया। जिन लड़कियों को घर में ऊँची आवाज में अपनी बात रखने का अधिकार नहीं था। उन पर मार -पिटाई के इल्जाम लगाए गए।दिव्यांग लड़के की एक आंख नहीं है। दूसरी आंख का नम्बर दस है। उन पर तरस खाओ।
मणिपुर में किराये के मकान से निकाला जा रहा है। इनका घर दिल्ली ,हरियाणा और गुजरात में होने के कारण ये मणिपुर में सुनवाई के लिए कहाँ ठहरेंगे और कैसे उपस्थिति लगाएंगे। कृपया इनकी मदद कीजिये।
हमारी कही सुनवाई नहीं हो रही है। इन सबकी नई नौकरी है। इनके सामने पूरा भविष्य पड़ा है। आप माफीनामा लिखवा चुके है। फिर भी माफ़ नहीं किया जा रहा। ये कही के नहीं रहेंगे। सभ्य इंसानो को सड़क पर मत लाओ।
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