प्रकृति का विकराल रूप 
हड़प्पा ,मोहनजोदड़ो और लोथल की सभ्यता खत्म कैसे हो गई? मुझे समझ नहीं आता था। लेकिन अब करोना काल के हालात साबित कर रहे है पूरी सभ्यता कैसे खत्म हो सकती है?हमारे सामने इस समय,आजतक ग्यारह बार भूकंप आ गए है। मेने कभी इतने कम समय में इतने भूकंप आते कभी नहीं देखे। पूरे भारत में भूकंप लगातार आ रहे है
आपने बंगाल की खाड़ी में तूफान की तबाही देखी है ,इसकी हमे आदत पड़ गई है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में अक्सर तूफान आते रहते है।
लेकिन अरब सागर में इतना भयानक तूफान 129 साल बाद आया।
बारिश और बाढ़ की तबाही का सामना भारतीय लोग करते रहते है।
टिड्डीदल का विकराल रूप किसानो की सारी फसल चट कर सकता है । अकाल जैसे हालत पैदा हो सकते है।
इस समय कारोबार बंद होने के कारण बेरोजगारी।
करोना के कारण होने वाली मौतों ने जिंदगी पर से भरोसा हटा दिया है।
.यदि इन सब से लोग बच भी गए। तब भी अधिकतर भारतीय लोग भूख से मर सकते है।
पहले समय में राम ,कृष्ण और शिवजी के समय में उन्नत जीवन की कल्पना अतिश्योक्ति लगती थी। लेकिन अब सभ्यताओं के खत्म होने का कारण समझ में आने लगा है।मेरे मिथक टूटने लगे है।
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