चोटी कटने की दहशत
लड़कियों की चोटी कटने की खबर से सब तरफ डर का माहौल दिखाई दे रहा हे। खास तौर से लड़किया और उनकी माँ उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रही है। उनके दिमाग में किस तरह के विचार पैदा हो रहे है। उसके बारे में आपको पूरी तरह ज्ञान नहीं होगा। लेकिन अधिकतर माँ सभी उपाय कर रही है जिससे उनके बाल सुरक्षित रहे।मैने एक लड़की की बाँह में तावीज देखा तो उसका कारण पूछा जबाब सुनकर हैरान रह गयी उसकी माँ ने बताया -"ये तावीज बेटी के बालो की सुरक्षा के लिए बनवाया है। "
किशोरावस्था में लड़कियों को अपने शरीर के प्रति जागरूक होते सभी ने देखा होगा। लेकिन अब उनकी तरफ मेरा ध्यान गया तो हैरानी हो रही है मध्य वर्ग की लड़कियों के बाल बहुत लम्बे और सुंदर होते है। वे उसकी देखभाल में बहुत ध्यान देती है। उनके इतने सुंदर और लम्बे बाल किसी के भी मन में रश्क पैदा करने की ताकत रखते है।
जो लड़किया कभी अख़बार उठा कर नहीं देखती थी आजकल सभी का ध्यान चोटी वाली खबर पर लगा हुआ है। जिन लड़कियों के बाल कंधे तक छोटे कटे हुए है वह भी चोटी की खबर में दिलचस्पी ले रही है।
कभी किसी तांत्रिक के कहने पर किसी एक लड़की की चोटी काट ली गई होगी। उसके कारण अफवाह फैलने लगी। इसको बढ़ावा देने का काम संचार -तंत्र के द्वारा हुआ है। हर रोज की खबर इस अफवाह को बढ़ावा दे रही है।
पहले भी ऐसे कारनामे होते रहे है। मेरे सामने भी ऐसी अनेक खबरे बरसो से सुनाई देती रहती थी लेकिन इतने बड़े रूप में इसका प्रचार पहली बार हुआ है। इसका कारण संचार -तंत्र का जागरूक होना ही कहा जायेगा।
कई जगह लोग अपने घर के अंदर कुण्डी लगा कर सोने लगे है जहाँ वे पहले खुली छत्त या आंगन में सोना पसंद करते थे। इन अफवाहों को बढ़ावा देने का काम वे लोग भी कर रहे है जिन्हे लम्बी चोटी पसंद नहीं है। पिछले दिनों दो भाइयो ने अपनी बहन की चोटी काट कर उसके ऊपर रख दी। उनकी शरारत ने घर के माहौल को गमगीन बना दिया। पुलिस की कार्यवाही से भाइयो ने सच उगला।
आज के अख़बार में पुलिस हवलदार की बीबी और विधायक की भाभी की चोटी कटने की खबर से चौक गयी हूँ। मुझे इसमें सच्चाई कम व शरारत ज्यादा नजर आ रही है।
यदि कुछ लोग ऐसी हरकते करते पकड़े गए तो चोटी कटने का सिलसिला भी खत्म हो जायेगा। कुछ लोग लड़कियों से बदला लेने के लिए भी ऐसा करने लगे है।
मुझे एक घटना याद आ रही है जब रीना के लम्बे बाल उसके भाई को पसंद नहीं थे। वह उस समय दो लम्बी चोटी करती थी। जब भी वह काम करती थी उसकी चोटिया आगे आ जाती थी. कभी खाने की थाली तो कभी पानी के गिलास का चककर लगा आती थी। इस कारण उसके भाई को बहुत गुस्सा आता था। उन दोनों में चोटी के कारण लड़ाई अक्सर हो जाती थी। यदि एक चोटी करे तो वह पीछे रहती है लेकिन दो चोटियाँ अधिकतर आगे आ जाती है विद्यालयों में दो चोटी करनी पड़ती है। वही चोटिया घर में जाकर भी बनी रहती है।
चोटी की घटना को लेकर अनेक कार्टून बनने लगे है। जैसे हेलमेट पहन कर सोना,बालो का बीमा करवाना,सोते समय सिपाही को सुरक्षा के लिए खड़ा करना। ऐसी खबरे हमारा मनोरंजन कर रही है।
मुझे यकीं है ये भी बंदर आया और गणेश जी के दूध पीने की घटना जैसी अफवाह साबित होगी। जिस समय पुलिस सही तरह से काम करना शुरू करेगी तो भय के कारण लोग शरारत करना बंद कर देंगे। क्योंकि यदि तांत्रिक भी इतनी अधिक संख्या में बाल काटने की सलाह दे रहे होंगे तो सबसे पहले पुलिस उन्ही पर कार्यवाही करेगी। लेकिन भारत के तांत्रिक इतने बहादुर नहीं है जो इतनी बड़ी संख्या में लड़कियों के बाल कटवा डाले। एक -आध अंधविश्वासी तांत्रिको से प्रेरित हो सकता है। जो तांत्रिको के इशारे पर बाल काटे लेकिन इतनी अधिक संख्या में तांत्रिक बाल नहीं कटवा सकते। उनके लिए अपनी जान बचाना मुश्किल हो जायेगा।
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