# INDIA & PAKISTAN AFTER INDEPENDENCE

          पाकिस्तान और भारत आजादी के बाद 

  15 अगस्त  को भारत आजाद हुआ था। 14  अगस्त को पाकिस्तान ने आजादी पाई थी देखा जाये तो पाकिस्तान भारत से एक दिन पहले आजाद हो गया था। लेकिन पाकिस्तान ने आजादी  के बाद कोई खास तरक्की नहीं की है।  उसका देश ताकतवर देशो से हर तरह से मदद की गुहार करता रहता है। हर देश के सामने दान का कटोरा लिए घूम रहा है।  

।                           पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अपनी छवि साफ दिखाने  के लिए खुद को आतंकपीडित दिखाते  है। यदि आपका देश आतंक से परेशान है तो आप अपने देश में आतंकवादियों को क्यों पाल  रहे है। उनके अड्डे क्यों नहीं खत्म कर देते। जब  आपका पाला हुआ भस्मासुर आपको ही नष्ट करने पर तुला है। तब अपनी इतनी बड़ी सेना के द्वारा  उनके अड्डों को खत्म करके उन्हें नेस्तनाबूत क्यों नहीं कर   देते। यहाँ उनकी इच्छाशक्ति की कमी दिखाई देती है। जो सेना भारत पर कब्जा करने के सपने देखती है।  वह आतंकवादियों का खात्मा क्यों नहीं कर पा  रही है इसे कहते है- दूसरो  के लिए गड्ढा  खोदोगे तब खुद भी गिर सकते हो। उसके पाले  हुए आतंकवादी अब पूरे  संसार में तबाही मचाने  पर तुले है।   पाकिस्तान का नाम खुले -आम आतंकवादियों से जोड़ा जा रहा है।             

        भारत अपनी पहचान बना चूका है। आप भारत से किसी भी देश में जाते है। जबसे मोदी जी प्रधानमंत्री बने है। भारतीयों को सम्मान की निगाहो से देखा जाता है। जबकि अब पाकिस्तानी विदेशी भूमि पर पहुंचकर अपनी पहचान पाकिस्तानी के तौर पर नहीं देते बल्कि खुद को दक्षिण एशियाई या भारतीय के रूप में देते है। उन्हें पाकिस्तानी कहने में शान का अहसास नहीं  होता है । 

     जिस देश में रहते हुए मुस्लिम भारत की कमियां बताते रहते है। इसे रहने  योग्य  नहीं मानते ,वही जब नागरिकता का प्रश्न उठता है। तब धरने पर बैठ जाते है इसके मायने क्या हुए। 56  देश  मुस्लिम है हिन्दू राष्ट्र बताइये पूरे  संसार में कितने है।  

            हिन्दुओ को दूसरे देशो में परेशान किया जाये तब भी भारत की नागरिकता नहीं ले सकते। उन्हें नागरिकता लेने का अधिकार तभी मिलना चाहिए जब मुस्लिमो को नागरिकता मिले। ये कहाँ का न्याय है। वे हिन्दू शरणार्थी  जिन्हे भारत में रहते हुए बरसो बीत गए। उन्हें भारतीय नागरिक नहीं समझा जाता था। जबकि सारे  संसार के मुस्लिम लाखो की संख्या में भारत में बस सकते है। लुटे उजड़े अनेक देशो से ठुकराए  हिन्दुओ के लिए भारत शरणस्थली नहीं बन सकता।  क्योकि भारतीय सरकार दृढ़ इच्छाशक्ति नहीं दिखा सकी. अब बिल पास हुआ तो कितनी रूकावट आ खड़ी  हुई है। 

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