# unique roof in rajasthan

                  राजस्थान की अनोखी छत्त 

आज मै  एक अनोखी छत्त के बारे में बताने जा रही हूँ। आपने साधारण छत्त आमतौर पर देखी  होंगी लेकिन ऐसी छत्त मेने पहली बार देखी है  जिस पर स्विमिंग पूल  बना हुआ था। उसकी सुंदरता बढ़ाने के लिए उसके दोनों तरफ सुन्दर  मूर्तियां बनी   हुई थी और खूब बड़े घड़े जिनमे पौधे लगाए गए थे। छत्त पर आराम करने के लिए बड़ी कुर्सियां रखी हुई थी जिस पर लेटकर मजा आ जाये।
        पूल  में जाने  से पहले शावर  लेने के लिए  बाथरूम बने हुए थे। उनमे हाथ धोने के लिए वाशबेसिन बने हुए थे।  उनमे सुंदरता का विशेष ध्यान रखा गया था। उनके बाहर  सूंदर जालीदार झरोखे देखना अद्भुत लग रहा था।
     वहां पर पौधे लगाने के लिए विशेष इंतजाम किये गए थे।  दीवार में ही सीमेंटेड पौधे रखने की जगह बनाई गयी थी। इसके आलावा भी गमलो में छोटे बड़े अनेक आकर के  पौधो  और पेड़ो  से सुसज्जा की गई थी.
      छत्त पर कई स्थानों पर फोटो खिचवाने के लिए जगह बनाई गई थी।  जहाँ पर खड़े होकर हमने फोटो खिचवाने  का कार्य किया। जिस कार्यक्रम में हम गए थे वहां हमारी तरह दूसरे लोग भी फोटो खिचवाने का लुत्फ़ उठा रहे थे।
       छत्त पर घास का भ्र्म  पैदा करने के लिए घास जैसा कार्पेट बिछा दिया गया था। ऐसा लग रहा था मानो  हम बगीचे में पेड़ो के बीच  में बैठे हुए है. जिस पर  सर्दियों की धूप  का और गर्मियों में शाम की ठंडक का मजा लिया जा सकता है।
        इसी छत्त पर छोटा सा हॉल  बनाया गया था  जिसमे लगभग 100  लोगो के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। हमारे मेजबान ने सूंदर कांड का आयोजन इसी हॉल  में करवाया था। यहाँ पर कुर्सियों और दरियो की सुव्यवस्था थी.चारो तरफ बड़ी -बड़ी खिड़कियां और शीशे के दरवाजे लगे हुए थे। जिससे बाहर हरियाली का मजा लिया जा सकता था। इस हॉल  में गर्मियों में कार्यक्रम अच्छी तरह से किया जा सके उसके लिए AC  लगा हुआ था। इसी हॉल में एक तरफ सुंदर कॉर्नर  के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
       मैंने  हरियाली ,स्विंमिंग पुल और हॉल  केवल सबसे नीचे  की मंजिल पर देखे थे। लेकिन लोगो की निजता की सुरक्षा के लिए स्विमिंग पल के चारो तरफ ओट  के लिए व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन यहां इतनी ऊंचाई पर इसकी जरूरत नहीं थी। जिसे स्विमिंग पुल  पर आना है वही आएगा किसी अन्य का अंदेशा नहीं होगा
         छत्त से   आसपास का दृश्य मनोहारी था।  यहाँ पर( राजस्थान )में चारो तरफ अरावली पर्वत माला  है । उनपर उगी हुई हरियाली  हमें सोचने पर मजबूर कर रही थी ये कैसा राजस्थान है। बहुत साल पहले मेने अरावली के पहाड़ हरियाली विहीन देखे थे। लेकिन लोगो की जागरूकता ने उन्हें हराभरा बना दिया है ।
        ऊपर देखो तो नीला आसमान मन को लुभा रहा था। ये छत्त दसवीं मंजिल पर बनी  हुई थी। इतनी ऊंचाई से देखने पर  सब कुछ सुंदर लग रहा था। यहाँ की राते  ठंडी होती है तो दिन गर्म होते है। यहाँ पर एकसाथ सर्दी और गर्मी का मजा लिया जा सकता है।
         इस रूप में राजस्थान को देखने पर लगता है जिस रेगिस्तान की कल्पना की थी वह कहाँ  गया। ये तो परीलोक  लग रहा था।   

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