#UNNOWN CITY CHEAT WOMAN (PART 2)

         अनजान नगरी चालबाज औरत -भाग 2 

 
  पहले भाग में आपको याद  होगा  मैना  ने हमें बिना कारण के कितना परेशान किया था। जिसके कारण हम डर गए थे और दहशत के कारण कई  बार हमारी आँखों में आंसू आ गए थे। जिस लड़की राधा ने मैना  के साथ मिलकर हमारी परेशानी बढ़ाई  थी। आज मै  उसका हाल  आपको बताने जा रही हूँ। 
       हमने उस हादसे के बाद मैना  से किसी तरह का सम्बन्ध नहीं रखा। केवल राधा के द्वारा  मैना  की खबरे मिलती रहती थी। राधा के दिमाग में उसका इतना अधिक असर हो गया था कि  उसे मैना  की अच्छाइयों के आलावा कुछ दिखाई नहीं देता था। 
    उसने कहा -"आंटी  उनसे अच्छा कोई हो नहीं सकता। इस दुनिया में इतने अच्छे लोग नहीं मिलते। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। "
     हमारा विश्वास राधा और मैना  दोनों की तरफ से हट  गया था। क्योंकि जब  दो  महीने पहले कुछ  घंटे बाद ही मैना  ने घर छोड़कर होटल में जाने के लिए दोनों के परिवार से कहा तो राधा के परिवार ने सामान बांधने की कोई तैयारी नहीं की बल्कि राधा मैना  के साथ हमे होटल तक छोड़ने आयी थी । 
      हमने कुछ घंटे में अपना बहुत कम  समान निकाला  था जबकि राधा का सारा समान बिखरा पड़ा था जिसे समेटने में कई घंटे लगने थे।
       उन्होंने कहा -राधा और उसकी माँ  मैना  के घर में रह लेंगी। लेकिन उनके व्यवहार में इत्मीनान दिखाई दे रहा था। 
     हमारे शक ने राधा के सामने न  खुलने के लिए  विवश कर दिया था। वह जितना कहती थी उतना सुनते थे कोई सवाल -जबाब नहीं करते थे। 
      इस तरह दो महीने बीत  गए। क्रिश्मस की छुट्टियों में सभी अपने घर चले गए। हमारी  राधा  से कोई बातचीत नहीं हुई। छुट्टिया खत्म होने पर हमें पता चला राधा अपने घर नहीं गई बल्कि 17 दिन की छुट्टियाँ  उसने अकेले इम्फाल में बिताई है। सबको बहुत हैरानी हुई। उससे पूछने का मन कर रहा था लेकिन हमें लगा फिर से झूठ बोलेगी। जब वह  खुद बताना चाहेगी तभी सही रहेगा।उसका चेहरा उतरा हुआ था कोई ख़ुशी दिखाई नहीं दे रही थी। 
      अगले दिन उसने उदासी का कारण बताया उसका मोबाईल गायब हो गया था। इसलिए नया  खरीदना पड़ा।  उसने मैना  के साथ जाकर 35000 रूपये का लैपटॉप भी  खरीद लिया  । जिसके कारण उसका हाथ तंग हो गया था।आजकल  सभी के लिए मोबाईल और लेपटॉप जरूरी है ।  
     सबने उसकी बातो पर यकीन कर लिया। लेकिन उसके चेहरे पर अभी भी रौनक  दिखाई नहीं दे रही थी। एक दिन बाद राधा ने बताया उसके बैंक का ATM कार्ड भी चोरी हो गया था। उसमे 40000 रूपये थे वह भी निकल गए है।

        ये सारी बाते  अब तक राधा ने किसी से नहीं बताई थी वह  मन ही मन घुट रही थी। अब उसके सब्र का बांध टूट गया था उसने इतने समय में लगभग एक लाख रूपये कमाए थे जो सब खत्म हो गए थे। उसे नौकरी के द्वारा कुछ हासिल नहीं हुआ था। उससे परिवार छूटा,पैसा (३२००० हजार रूपये सुरक्षित मनी और सामान के रूप में ,  पांच हजार रूपये मकान का किराया , खाने के रूप में उसे 7000  रूपये) अलग से देने पड़ते थे। जिन दुकानों से मैना ने उन्हें समान दिलवाया था वह भी बहुत महंगा पड़  रहा था। 
      उसके कार्ड के बारे में सबने सलाह दी कि  इसकी रिपोर्ट पुलिस में करनी चाहिए। उसके साथ कुछ लोग पुलिस स्टेशन में जाकर FIR  दर्ज करवा आये। लेकिन किसी को   पैसे मिलने की  उम्मीद नहीं थी। यह सिर्फ खाना -पूर्ति  के मकसद से की गयी थी। 
       अगले दिन 12 बजे थाने  से फोन आया कि आपका मुजरिम पकड़ा गया है।आप उसकी शिनाख्त कर ले।  हमने जब मुजरिम को देखा तो दंग रह गए वह मैना  का भाई था। उससे पता चला कि  मैना  ने उसे कार्ड और पिन नंबर लाकर  दिया था। लेकिन खुद पैसे निकालने  की जगह भाई को भेजकर अपने को सुरक्षित समझ रही थी। वह भूल गयी थी कि ATM  बूथ पर कैमरे भी लगे होते है। जिसकी वजह से मुजरिम पकड़ा जाता है। पुलिस की मार के कारण सच्चाई बाहर निकलते देर नहीं लगती। 
      मैना  को इन सबका कारण जाना तब  राधा ने बताया- "मुझे इन्होने ही दिल्ली जाने से   रोका  था।"
 क्योंकि जब राधा अकेले होगी तब चोरी करना आसान हो जायेगा। पुलिस की मार  के कारण उसे 40000  रूपये मिल गए है। लेकिन वह इस कदर टूट गयी है कि  छुट्टी लेकर अपने परिवार के पास चली गयी है।
      जिंदगी की शुरुरात में इस कदर धोखा खाने के बाद कब तक राधा संभल पायेगी   

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