उमर खालीद के कारण उपजा विवाद
रामजस कॉलेज और उमर खालिद को लेकर उठे विवाद के कारण अभी तक शांति नही हुई है। इस मसले का अंत किस रूप में होगा अभी कहना मुश्किल है। उम्र खालिद को देशद्रोही होते हुए सेमिनार में बुलाया जाना ठीक नही था। उसके कारण विरोध हुआ। विरोध इतना उग्र रूप ले लेगा किसी ने नही सोचा था.
पुरे नार्थ केम्पस में हर तरफ पुलिस फैली हुई है। रोज नारे लगाए जा रहे हे। .आंदोलन ने विकराल रूप ले लिया है। जो आंदोलन छात्रों से शुरू हुआ था उसमे वड़े दिग्गज उतर आये है.छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इसका किसीको मलाल नही है। इस सुलगते चूल्हे पर सभी अपनी रोटी सेकने में लगे है।
गुरमेहर कौर के ट्वीट ने आग में घी डालने का काम किया है। जिसके कारण लोग दो गुटो में बंट गए है। कुछ उसका समर्थन कर रहे है। कुछ उसका विरोध कर रहे है। एक सैनिक की बेटी के बयान को लोगो ने अपने अनुसार तोडना शुरू कर दिया है। उसके बयान से लगता है जैसे वह एक देशद्रोही का पक्ष ले रही है। इतने अधिक विवाद के कारण उसने इन सबसे पल्ला झाड़ लिया है। वह किसी तरह नेतृत्व करने के पक्ष में नही है।
अमरीका में ट्रम्प के बयान के कारण खलबली मची हुई है। उसको गलत साबित करने का सभी प्रयास कर रहे है। ट्रम्प का बयान यदि गलत है तो मुस्लिम देशो में जो अन्य धर्मो के लोगो के साथ होता है उसे आप क्या कहेंगे।
मुस्लिम देशो में किसी और धर्म को बढ़ाने के कोई प्रयास किये जाते दिखाई दे रहे है।जिस देश में मुस्लिम बढ़ गए उन्होंने देश का एक धर्म बना दिया। दूसरे धर्मो के लोगो को देश से बाहर जाने का रास्ता दिखाया या उन्हें मजबूर करके धर्म बदलवा दिया।
जबकि अन्य धर्मो के लोग आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नही दिखाई देते तब भी किसी मुस्लिम देश में अन्य धर्म क्यों पनप नही पा रहे है। उनके खिलाफ कोई बयान क्यों नही देने की हिम्मत जूटा पाता है।लोगो को मौत के डर ने चुप करवा दिया है।
आजकल भारतीय विश्वविद्यालय राजनीती के अड्डे बन गए है। .जहाँ पढ़ाई कम और विवाद ज्यादा हो रहे है। . छात्रों का भविष्य मायने नही रखता। पढ़ाई की जगह छात्र राजनीती में पैठ बनाने में लगे हुए है.

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