#noto par pabandi or bhrashtachar

                                नोटों पर पाबन्दी और भ्रस्टाचार 

    8 नवम्बर की रात 8 बजे मोदी जी का भाषण सभी चेनलो पर आने लगा तो मुझे लगा भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की घोषणा होने वाली है। हमें नोटों की पाबन्दी के बारे में बिलकुल ख्याल नही आया। हमें मोदी जी का गंभीर स्वरूप हैरान कर रहा था। ये इतनी गंभीरता से कभी नही बोलते।
      उन्होंने भ्रटाचार के दम  पर भारतीयों का दिल मोह लिया  था।  लेकिन सभी को लगने लगा था। ये चुनाव जीतने का नारा  था। हमें उनके इस ऐलान  से पता चला उन्होंने आते ही भ्रस्टाचार मिटाने  पर कार्य करना शुरू कर दिया था। 1 . सबसे पहले जनधन के खाते शून्य पैसे पर खोलने के लिए लोगो को प्रोत्साहित किया। सभी जगह अनिवार्य रूप से पैसे खातों में डालने पर जोर दिया जाने लगा। 2 . उसके बाद सभी के आधार कार्ड बनवाकर उन्हें हर पैसे वाले खाते से जुड़वाने पर जोर दिया जाने लगा। 3 . kyc  के द्वारा सभी खातों  को अपडेट करवाने पर जोर दिया जाने लगा।  4 .लोगो को अपना काला धन सफेद करने का बहुत समय दिया।लोगो के दिमाग में सरकार की ढिलमिल नीतिया थी। इसलिए लोगो ने अपने धन को सफेद करने की तरफ ध्यान नही दिया। जिन्होंने इस मौके का फायदा उठाया उनके चेहरो पर ख़ुशी दिखाई दे रही है वरना हर और काले धन वालो के चेहरो पर मातम दिखाई दे रहा है।  पहले तो हमें इन सब कामो से बड़ी खीझ हो रही थी। लेकिन अब उनके कामो के मतलब समझ में आने लगे।
        नोटबंदी की घोषणा यदि सुबह कर दी जाती तो लोग अपने धन को सफेद करने के उपाय कर लेते लेकिन उन्हें केवल चार घंटे का समय दिया। जिसके कारण अधिकतर लोगो का धन अभी तक सफेद नही हो सका । लोगो ने अपनी जान -पहचान वाले सर्राफों को , रात को बंद दुकाने खुलवा कर खरीदारी की। उस रात उनकी दुकाने बंद नही हुई। वहाँ पूरी रात इस तरह भीड़ लगी  रही जैसे सब्जी बाजार हो। लोग बोरियो में भर कर नॉट लाये थे। लोगो की  बढ़ती मांग के कारण सोना ५५००० रूपये  कीमत तक बिका।  तब से अब तक सबसे अधिक इंटरनेट पर  काले धन को सफेद करने के तरीके खोजे जा रहे है।
             98%  लोगो के घर काला धन मिलेगा। उन्हें सरकार को कर देने की आदत  नही है सरकार को काले धन के सफेद करने के तरीके का पता चलते ही ,  बड़े दुकानदारो पर आयकर विभाग के छापे डलवाने शुरू कर दिए जिसके कारण सारे बाजार दो दिन तक बिलकुल बंद हो गए।  भारत में केवल सरकारी कर्मचारी अपने कर को बचा नही पता जबकि हर तबके के लोग कर देने के बारे में सोचना ही नही चाहते इस कारण उनमे खलबली मचना स्वाभाविक था। 
              अगले दिन दुकाने बंद और सड़के खाली दिखाई दे रही थी। सार्वजानिक छुट्टी का माहौल लग रहा था। दो दिन तक बैंक और ATM  बंद होने के कारण सभी काम रुक से गए थे। महंगाई के कारण सभी के पास बड़े नोट होते है बैंक और ATM  से भी यदि 10000 रूपये निकलवाने जाओ तो ५०० के नोट छोटे होते है बाकि सब बड़े नॉट होते है। मोदी जी की घोषणा होते ही सबसे पहले हमने अपने घर में छोटे नोट  ढूंढे तो हाथ में हजार से कम रूपये मिले। हमें लगा हम कंगाल हो गए है। तीन दिन बिना नोटों के गृहस्थी कैसे चलेगी।  जब बैंक वगेरह खुले तब चारो तरफ लंबी पंक्तियाँ दिखाई दी। पहले दिन शांति थी लेकिन कुछ दिनों बाद लोगो में गुस्सा दिखाई देने लगा। उसके लिए पुलिस की तैनाती की गयी।
         सरकार की नोटबंदी के कारण लोगो को दान -पूण्य करने का ध्यान आया। धार्मिक स्थलों पर करोड़ो के नोट पहुचने लगे। मैने गुरुद्वारे वालो के हाथो में जब हजार और पांच सो के नोट  देख कर पूछा तो उन्होंने कहा -"आज सभी खुले नोटों की जगह ये ही नोट दे रहे है। हमें क्या हम इन्हें गुरुद्वारे के खाते  में जमा करवा देंगे।" बड़े धार्मिक स्थलों में एक दिन में पुराने नोटों के रूप में करोड़ो का चढ़ावा  आ रहा है। 
         जो नोट लोग छुपा कर रखते थे वे अब कूड़ेदान, नदी ,कतरनों के रूप में   ,और अधजले इधर -उधर दिखाई दे रहे है। कई मालिक अपने मजदूरो को 6  महीने की अग्रिम वेतन दे रहे है। जिनकी जेब से कभी मजदूर के परेशान होने पर हजार रूपये नही निकलते थे।
       अमीर  गरीबो को 2 हजार का नॉट देकर, लाइन में लगवा कर, उन्हें 5 सो के बदले में अपने 1500  रूपये सफेद करवा रहे है. गरीबो की दिहाड़ी बन रही है।
     इस वक्त लोगो को अपने दूर के और गरीब रिश्तेदार याद  आ रहे है जिनके खाते में धन जमा करवा सके।नोटों की पाबदी के कारण भारत में बहुत सारे  बदलाव आएंगे। इससे रुपए की कीमत में उछाल आएगा

  1. सस्ते घर मिलेंगे 
  2. कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगेगी 
  3. लोगो को कर देने की आदत पड़ेगी।
  4. महगाई में कमी होगी। 
  5. नकली नोटों की समस्या से निजात मिलेगा 
  6. आतंकी लोगो को पैसा नहीं मिल सकेगा 
  7. हवाला कारोबार का दिवाला निकल जायेगा 
  8. सट्टा  बाजार का भट्टा  बेठ जायेगा 
  9. बिल से व्यापर होगा 
  10. रिश्वत खोरी पर अंकुश लगेगा। 
  11. अधिक टेक्स इकट्ठा होगा 
  12. स्वस्थ चुनाव होगा  

     
    काला धन बाहर आने से भारतीय अर्थव्यवस्था सुधरेगी।  सोने का कम आयात होगा  अभी हमें बहुत दिक्कतों का सामना करना होगा लेकिन कुछ समय बाद हमारी अर्थव्यवस्था उन्नति के पथ पर अग्रसर होगी। मोदी जी की तुलना सिंगापूर के नेता ली kuan  yea  से की जा रही है। जिन्होंने अपने प्रयासो से ग़रीब सिंगापुर को विकसित देश बना दिया। मोदी जी को कठोर कदम उठाने में झिझक नही होती। ऐसे कद्दाबर नेता बहुत कम  दिखाई देते है

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