#bangladesh ki ghatna

                                             बांग्ला देश  की घटना

     
बांग्ला देश मुस्लिम देश होने के बाबजूद शांतिप्रिय देश रहा था। लेकिन कुछ समय से वहाँ कटटरता पैर ज़माने लगी है।अब  अन्य देशो के सामान यहाँ कटटरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। हिन्दुओ पर होने वाले आक्रमण,ब्लॉगर की हत्या इसके प्रमाण है। हाल की घटना को अंजाम देने वाले गरीव या अनपढ़ लोग नहीं थे बल्कि सभ्य और पढ़े लिखे परिवारों से सम्बद्ध थे। इसमें एक राजनेता का बेटा भी था। उनके अंदर नफरत के बीज कहाँ  से पनपे इसका कारण समझ में नहीं आ रहा। 
      मुस्लिम कटटरपंथी जिस तरह अलगाव पैदा कर रहे है। उससे एक समय बाद हर मुस्लिम शक की निगाह का सामना कर रहा होगा। प्रत्येक देश में लोग मुस्लिम से भय खाने लगे है। अपने देश को मुस्लिम बहुल होने पर, अन्य देशो के लोगो  को सहन नहीं करने के कारण उन्हें मार देने से उनकी समस्या का हल नहीं निकल पाएगा।सभी देश वसुधैव कुटुंबकम की भावना से जुड़ कर तरक्की पा सकते  है।
      बांग्ला देश में जापानी और अन्य देशो के लोगो को जान  से मार  देने से क्या  वहाँ के व्यवसायी उनके देश में आकर व्यापार करने की  हिम्म्त जुटा पाएंगे। इंसान पहले अपनी जान -माल की सलामती के दम पर दूसरे देश में उद्योग लगाने का फैसला करता है। बांग्ला देश एक गरीब देश है। उसे दूसरे देश की सहायता से तरक्की करने के अवसर मिल रहे थे। ये हमला सबसे अच्छे इलाके में हुआ था। जब सम्भ्रान्त वर्ग सुरक्षित नहीं रहा तो अन्य लोग अपनी सुरक्षा के बारे में क्या सोचते होंगे। 
        धर्म से  मानसिक शांति मिलती है।जबकि मुस्लिम धर्म को मानने वाले सबसे अशांत दिखाई दे रहे है। वे अपने धर्म को बचाने के लिए जिहाद छेड़े हुए है। इसके कारण कितने लोग मर रहे है उसकी गिनती करना भूल गए है। इस जिहाद के कारण हर मुस्लिम महिला को कम से कम 10  बच्चे पैदा करने जरूरी है। उस माँ की बेबसी देखो जो अपने बच्चे को मरने के लिए ,धर्म के नाम पर शहीद होने के लिए जन्म देती है। 
      आज के समय में धर्म खाने के लिए रोटी मुहैया नहीं करवा पा रहा है। सभी कटटर  देशो ने  पहले दूसरे धर्म के लोगो से नफरत करने के कारण ,उन्हें देश से निकलने पर मजबूर किया। अब जिन देशो में केवल मुस्लिम बर्ग रह गया है। उसे भी अनेक भागो में बाँट दिया अब  उनके साथ ही लड़ रहे है। इन्ही में से निकले  उइगर, कुर्द ,रोहिंगिया, अहमदिया ,शिया ,सुन्नी ,मुहाजिर ,ब्लोच और  यजीदी है। ये अनेक वर्गों में बाँट कर उनका संहार कर रहे है।
       जब लोग अपने देश की सीमाओं में सुरक्षित महसूस नहीं कर पाते तभी वे अन्य देशो में शरण पाने के लिए अपना सब कुछ छोड़ कर निकलते है। मुस्लिम लोगो से सभी इस कदर खौफ खा रहे है कि कोई देश उन्हें शरण देने के लिए तैयार नहीं है। जितने लोग किसी देश में शरण ले रहे है उससे कई गुना ज्यादा भूख -प्यास से तड़प -तड़प कर मर रहे है।  इंसानो पर राज किया जाता है। मुर्दो पर शासन नहीं किया जाता। वीराने किसी को शासन करने के लिए नहीं उकसाते। 
      इन आतंकियों ने कुरान की आयते सुन कर लोगो की जान बक्श दी। उन्हें खाने की सुविधाएं भी दी।  इस देश में अधिकतर विदेशियों के हाथो में  उद्योग है। उनके द्वारा अधिकतर लोगो को रोजगार मिला हुआ है। जब ये देश में नहीं रहेंगे तब उनके सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो जाएगी। 
          अमरीका और रूस की अफगानिस्तान को लेकर टकराहट ने पाकिस्तान को आतंकवाद की फसल पैदा करने वाला देश बना दिया। रूस ने अफगानिस्तान से पैर समेट लिए लेकिन पाकिस्तान को आतंकवाद पैदा करने का ऐसा चस्का लग गया कि  जहाँ आतंकवाद दिखाई देता है वहाँ उसके तार पाकिस्तान से किसी न किसी रूप से अवश्य जुड़े दिखाई दे जाते है। आज भी अमरीका आतंक वाद को अच्छे और बुरे में बाँट रहा है। यदि हम आतंकवाद को इन श्रेणियों से अलग करके देखे तभी इस समस्या का हल निकल सकेगा।
      पहले समय में रमजान के पाक महीने में हिंसा की घटनाएं नहीं होती थी। लेकिन अब कोई सीमा नहीं रही है।इस महीने में मुस्लिम ही मुस्लिम को मार रहे है।  यदि  आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे तभी इससे मुक्ति मिल सकेगी। ये समस्या अब पूरे संसार में फैल चुकी है। कोई भी देश इससे बचा नहीं है। ऐसे देशो को आर्थिक मदद देनी बंद कर देनी चाहिए। 
     पाकिस्तान भी अब इस समस्या से सुलग रहा है। उसे पूरी ताकत से इससे सुलटने की कोशिश करनी चाहिए। जाकिर नाइक जैसे लोगो पर पाबंदी लगानी चाहिए जो लोगो में नफरत की आग फैला रहे है।  

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