नरेंदर मोदी
मोदी जी के बारे में जितना जाना उससे लगता है जो जवानी में साधु बनने की इच्छा उनके मन में थी वह अब तक खत्म नहीं हुई है। वे नवरात्रो के सारे व्रत पानी पीकर रखते है। उनके काम में किसी तरह की कमी या थकावट देखने को नहीं मिलती है। एक पाकिस्तानी वक्ता ने मोदी के बारे में कहा था -"ये पानी पीकर इतना काम कर लेते है यदि इन्हे दारु पिला दी जाये तो ये कितना अधिक काम करेंगे। " मुझे उसके शब्द सुनकर बहुत हंसी आई थी। सही मायने में उनका जीवन एक तपस्वी के सामान है। इतने साधन होते हुए भी कभी गलत खान -पान के बारे में नहीं सुना। उनके द्वारा मर्यादाओ के उल्लंघन की खबरें भी नहीं सुनाई देती है।
एक पाकिस्तानी वक्ता ने कहा था -"जिसे मास , दारु और शबाब का शौक नहीं है। वह गलत कर ही क्या सकता है.. "मुझे उसके शब्दों ने लाजबाब कर दिया।उनके बीबी -बच्चे साथ नहीं जिनके कारण वह भ्रस्ट बने तब भी भारतीय राजनीतिज्ञ उनकी धज्जियां उड़ाने का कोई मौका नहीं चुकते।
मोदी जी का कार्यकाल दो साल(730 दिन ) का रहा। इसमें 95 दिन में 20 यात्राएं 40 देशो में की। उनके बारे में अधिकतर सुनने में आता है. उन्हें भारत से ज्यादा विदेशो में सम्मान पाने का शौक है। वे व्यक्तिगत लाभ के लिए ये दौरे लगाते है। उनके दौरे के कारण भारत और अन्य देशो के साथ बहुत सारे समझौते हुए है जिनके बारे में आलोचक बयान नहीं करते है। इससे पहले किसी अन्य नेता ने इतने कम समय में इतने अधिक देशो की यात्राएं नहीं की थी।
वे अपना समय बचाने के लिए सोने का समय किसी देश के होटल में बिताने के स्थान पर रात के समय प्लेन में सफर करते है। इससे उनके समय और देश के धन की बचत होती है। जबकि एक साधारण इंसान अपने सोने के समय में पूरा आराम करना पसंद करता है। उस यात्रा के समय वे अपने स्टाफ के साथ आने वाले कार्यक्रमों के विषय में चर्चा करते रहते है। उस समय में भी वे और उनका स्टाफ भरपूर नींद नहीं ले पाता है। मोदी तो असाधारण व्यक्ति है लेकिन उनका स्टाफ तो साधारण लोगो का है। पहले नेताओं के साथ उनका स्टाफ ऐश की जिंदगी जीता था अब ये दिन उन्हें सजा के सामान लगते होंगे।
वे पांच दिन में 3 देशो की यात्राएं कर पाते है। उनके साथ बहुत सारे लोग जैसे व्यवसायी ,अनेक चैनलों के लोग ,उनके साथ के लोग नहीं होते। बल्कि वे अपने साथ बहुत कम स्टाफ के लोगो को लेकर चलते है। जिसके कारण बहुत कम धन और समय की बर्बादी होती है। इससे पहले सुनने में आता था जब एक प्रधानमंत्री किसी जगह खाना खाते थे तो उस जगह के लोगो के बारे- न्यारे हो जाते थे। एक बार खाने का बिल लाखो का बैठता था। ये सब भारतीय कर दाताओ की जेब से जाता था।
मोदी जी अपने साथ स्टाफ के कुछ जरूरी लोगो और दूरदर्शन के चैनल के लोगो के साथ चलते है। उन्हें भी ताकीद होती है वे अपना खर्च खुद उठाये। इसलिए मोदी जी जब खाना खाते है उसका बिल केवल रु 3000 के आस -पास ही आता है जिसका खर्च वह खुद उठाते है।वे अपने साथ बहुत कम अधिकारी लेकर चलते है। जब वे खुद अपना खर्च वहन करते है तो दूसरों को भी अपना बिल खुद भरना पड़ता है। जिसके कारण उनकी यात्राओं पर खर्च बहुत कम होता है।
जबसे मोदी जी की सरकार आई है तब से उन्होने दूरदर्शन और रेडिओ को महत्ब देना शुरू किया है दूरदर्शन और रेडिओ घाटे में थे लेकिन मोदी जी ने रेडिओ पर "मन की बात "और दूरदर्शन को बढ़ावा देने के कारण दोनों घाटे से उबर रहे है। अब से पहले के लोगो ने अपने स्वार्थ के लिए दूसरे चेनलो वालो से पैसे लेकर रेडिओ और दूरदर्शन को घाटे में डुबो दिया था।
हमारी इंडियन एयरलाइन पहले अच्छा मुनाफा कमा रही थी लेकिन जिस समय प्राइवेट एयरलाइन आई उन्हें मुनाफे का समय दे दिया गया जिसके कारण नेताओं के घर भर गए लेकिन इंडियन एयरलाइन को यात्रिओ का आभाव हो गया। ये काफी समय से घाटे में चल रही थी। उसका घाटा पूरा हम जैसे कर दाताओ के पैसे से चल रहा था। मोदी जी के आने के बाद फिर से इंडियन एयरलाइन में मुनाफा होने लगा है।
हम जिस इंसान में हर समय कमियाँ ढूंढ रहे है उसके बारे में जरा सोच के देखिये उसके अकाउंट में कितने पैसे है। वह कितनी आरामदायक जिंदगी जी रहा है। वह जो काम कर रहा है उससे उसका व्यक्तिगत कितना फायदा हो रहा है। उसके राज में कोई भ्रस्टाचार का मामला सामने नहीं आ रहा है। उन्होंने मंत्रियो पर भी लगाम लगा रखी है।
उन्हें जनता ने काम के लिए चुना है वे आम इंसानो की अपेक्षा ज्यादा काम कर रहे है। उन्हें पांच साल तक लगातार काम करने दीजिए। जिसके आने पर विदेशो में पलक -पावड़े बिछाई जा रही है उनके लिए इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल करके हम खुद अपने आपको गिरा रहे है। वह इंसान दुनियाँ में केवल काम करने के लिए आया है। उसे काम करने दीजिए।

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