मणिपुर में पिछले कई साल में कई बदलाव दिखाई दे रहे है!पहले मुझे इंफाल के एयरपोर्ट, विधानसभा, मुख्यमंत्री निवास तक की सड़कें टूटी दिखाई दी थी !मुझे देखकर हैरानी हो रही थी है लोग इन मुख्य सडको की देखभाल नहीं कर पा रहे है तो छोटी सडको का कितना बुरा हाल होगा! इस बार आने पर मुझे इन सड़कों की अच्छी हालत मिली है!लेकिन छोटी सड़कें अभी भी बदहाल है!           यहां की नालिया खुली हुई है! सीवर प्रणाली सही नहीं है! लेकिन नालियों को साफ करने की जिम्मेदारी बुलडोजर करता है !मैने पहली बार छोटी गलियों में नालियो की सफाई बुलडोजर से होती देखी!साथ ही यदि किसी घर का सामान उनकी चारदीवारी से बाहर दिखाई दे रहा है तो उसे भी बुलडोजर तोड़ने में गुरेज नहीं कर रहा था!       हमारे घर के सामने एक मकान बन रहा था !बुलडोजर के आने से पहले वहां लाउडस्पीकर से घोषणा करवाई गई ! मुझे भाषा तो समझ नहीं आ रही थी लेकिन उसके एकदम बाद चहल - पहल होती दिखाई दी! सबने अपने घर का सामान उठाना शुरू कर दिया! यहां तक निर्माणाधीन घर का भी सारा सामान अंदर रख लिया गया!      आरम्भ में मुझे बहुत हैरानी हो रही थी! कि लोगो ने घर के गेट भी बहुत सारी सड़क छोड़ कर अंदर बनाए थे! सड़कों पर सीढ़ियां या स्लोप नहीं थे!कई घरों के अंदर दस गाडियां खड़ी करने की भी जगह थी!           इनके घरों में तुलसी के विरवे बीच चोक में बनाए गए थे जिनके चारो तरफ घूम कर पूजा की जा सकती है ! इन घरों में अलग से एक मंदिर की स्थापना की जाती है!इसके लिए एक कमरे के बराबर स्थान रखा जाता है! उसके पीछे परिक्रमा करने की जगह भी छोड़ी जाती है !        इन घरों में छोटे तालाब बनाए जाते है! जिसमें मछलियां और बतख पाली जाती है! इन्होंने तालाब बनाकर बारिश के पानी का सही उपयोग किया है! लेकिन सरकार कि तरफ से पानी सही रूप में नहीं दिया जाता इस कारण पानी के लिए हर हफ्ते टैंकर मंगवाया जाता है! पानी की बहुतायत होने पर भी सप्लाई का तरीका   सही नहीं है!बारिश बहुत होती है! आपको अनेक स्थानों पर पानी के तालाब मिल जाएंगे !लेकिन पीने और दैनिक जरूरतों के लिए पानी खरीदना पड़ता है!जो बहुत साफ नहीं होता !     यहां की छते ढलावदार टीन की बनाई जाती है !यदि इनके पानी को इकट्ठा कर लिया जाए तो इनके सालभर की जरूरत पूरी हो जाए!इन्हें पानी के संरक्षण का तरीका( waterharwesting) पता नहीं है !          यहां की हरियाली मन को मोह लेती है हर घर में सौ- डेढ़ सौ गज में हरियाली लगाई जाती है! हरियाली से हमारी आंखे तृप्त हो जाती है!         यहां अनेक पिकनिक की जगह है!शिलायपोंग,अंद्रो जैसी हरी भरी जगहों के बीच में झील से मजा दुगुना हो जाता है!बच्चो के लिए अनेक झूले  आदि भी बनाए गए है!     यहां की गाड़ियों के लिए प्रदूषण के नियंत्रण के लिए कोई कार्यवाही नहीं होती इसलिए गाड़ियों में से काला धुआं निकलता हुआ दिखाई देता है! इंफाल जैसी जगह पर प्रदूषण पता चलता है!       मेरे लिए यहां रोज ही बारिश हो रही है लेकिन यहां के लोग कह रहे है पहाड़ों पर बारिश नहीं है इसलिए खाने का सामान महंगा हो जाएगा! इम्फाल नहीं का पानी भी तली को छू रहा है!समझ नहीं आ रहा यहां की बारिश का पानी कहां जाता है!         हल्की सर्दी के बीच मणिपुर का मौसम बहुत सुहावना होता है ! धूप जब निकलती है तब उसकी तपिश असहनीय होती है!यहां के लोग अधिकतर छतरी लेकर चलते है !वह धूप और बरसात दोनों में जरूरी है!अभी भी बाहर बारिश हो रही है!

आज का मनीपुर

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