युवाओ के सशक्तिकरण और विकास
भारत में युवा शक्ति की बहुलता है। लेकिन उसकी उन्नति के लिए पर्याप्त उपाय नही किये जा सके है। जिसके कारण हमारे युवा भ्रमित हो कर गलत रस्ते पर जा रहे है। युवाओ के अनुसार-उनके आगे बढ़ने के उपायो की कमी है।
भारतीय युवा भारत में ही नही बल्कि संसार में उन्नत स्थान पर पहुंच रहे है। अभी तक भारत की बढ़ती जनसँख्या को इसके लिए दोष दिया जाता रहा है। लेकिन पहली बार प्रधानमंत्री मोदी जी ने युवाओ को ताकत के रूप में देखा है। भारतीय 65 करोड़ युवा यदि मिलकर सही रस्ते पर कदम बढ़ाये तो उनके द्वारा भविष्य बदल सकता है। जैसे कश्मीर में यदि आतंकवादी पैदा होते है। तो वही आईएएस और आईपीएस जैसे युवा भी विपरीत परिस्थिति में अव्वल आकर दिखा रहे है। उनके अंदर देश को बदलने और आगे बढ़ाने का जज्बा है। यह जज्बा सभी में भर कर देश को मजबूत बनाया जा सकता है।
- हमारी शिक्षा व्यवस्था के अंदर बदलाब किया जाये। उसके लिए सभी को शिक्षा दिलाने की व्यवस्था की जाये।
- निजी विद्यालयों में शिक्षा सही रूप में दी जाती है। लेकिन सरकारी विद्यालयों में कार्यभार, शिक्षा के अतिरिक्त अन्य कार्यो से सम्बंधित होने के कारण, अध्यापक अध्यापन से ज्यादा दूसरे कार्यो में लगे रहते है जिसके कारण, विद्याधियों पर पर्याप्त ध्यान नही दिया जा रहा। उनको दूसरे कार्यो से मुक्त करके केवल छात्रों की उन्नति के कामो में लगाया जाये।
- शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जाये। उनसे अभ्यास अधिक करवाया जाये जिससे जिस कार्य को कर रहे है। उसके प्रति विश्वास पैदा हो सके। जो बच्चे प्रौद्योगिकी के स्तर पर पढ़ने के बाबजूद प्रेक्टिकल कार्य करते हुए डरते है। वे शिक्षा पूरी होने के बाबजूद अपने भरोसे कोई कार्य नही कर सकते। उन्हें कोई संस्था रखते हुए डरती है।वे बाहर निकलने पर बेरोजगार के सामान होते है। एक नोकरी की तलाश में भटकते हुए। शिक्षा व्यवस्था पर गुस्सा निकालते हुए।
- शिक्षा के कुछ स्तरों को उद्योग -धंधो से जोड़ा जाये जिससे युवाओ में कार्य से सम्बंधित विश्वास पैदा हो सके।
- आज की शिक्षा युवाओ में आत्मविश्वास पैदा नही कर पा रही है। नोकरी न मिलने के लिए वे व्यवस्था को दोषी ठहराते है। जहाँ उनसे नोकरी के बदले में रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत रूपी भ्रस्टाचार पर कुठाराघात करके उनका मनोबल बढ़ाया जाये।
- उनके अंदर आत्म विश्वास पैदा किया जाये। ताकि उनमे अपना व्यवसाय खोलने की ललक पैदा हो सके।
- वे अपने साथ दुसरो को रोजगार दे सकते है। उन्हें सस्ते दामो में कर्ज दिया जाये। सरकारी व्यवधानों से तंग करने की अपेक्षा उन्हें अधिक से अधिक सहूलियत एक ही खिड़की से मिल सके।
- मोदी जी ने स्टार्टअप योजना शुरू की है इससे हो सकता हे युवाओ में नया व्यवसाय खोलने की हिम्मत पैदा हो सके।
10 उनमे स्किल विकास बढ़ाने के प्रयास किये जाये। रोजगार कोई बुरा नही होता यदि उसे कुशलता से किया जा सके। युवाओ के अंदर नैतिकता और धैर्य की भावना पैदा की जाये ताकि गलत रास्ते पर चलकर पैसा कमाने के बारे में न सोचे।
11 उनके अंदर सहिष्णुता और सदभाव की भावना पैदा की जाये। उनके अंदर बढ़ती आक्रमकता दुसरो का संहार करके, जेल की सलाखों के पीछे धकेल कर, उसका और दुसरो का पूरा जीवन बर्बाद कर देती है।
12 संचार साधनो से नई जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की जाये। जैसे किसानों से सम्बंधित जानकारी अधिक से अधिक प्रसारित की जाने से गावो के युवा शहरो में भटकने के स्थान पर गांव में रहकर अपना और गाँव का विकास कर के उन्नत जीवन जी सके।
१३ युवाओ के अंदर केवल अधिकारों के प्रति सजगता के साथ कर्तव्यों का पालन करने की भावना जागृत की जाये। मांगने के स्थान पर देने का जज्बा पैदा होने से सुंदर संसार बन जायेगा।
१४ कुछ राज्यो में लेपटॉप ,साईकिल आदि देकर उन्हें सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह अच्छा कदम है।
15 गरीब बच्चो को कई प्रकार की छात्रबृति देकर अनुगृहीत किया जाये।
मुझे उम्मीद हे हमारा युवा इन उपाय के फलीभूत होने पर राष्ट्र की उन्नति में सहायक होगा।

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