#kejrival or sabut

                         केजरीवाल और सबूत 

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 में उरी हमले पर नेताओ की एकता पर खुश हो रही थी कि इन्होंने एकदम इसके विरुद्ध कुछ नही कहा। लेकिन मेरी प्रसन्नता यकायक छिनभिन्न हो गयी। जबसे मैने अपने दिग्गज नेताओ के द्वारा सबूत मांगने के बारे में जाना। उनकी बयानबाजी और प्रेस को सम्बोधन करने से मेरा दिल क्षतिग्रस्त हो गया।
        दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पाकिस्तान के  हीरो बन गए है। सारे संचारतंत्र में उनकी फोटो और बयान मुख्य रूप से छापे जा रहे है। पाकिस्तानी  रिपोर्टर मैहर तरार के बयान "घर को जला  दिया घर के चिराग ने." मेरे मन को आहत कर दिया है। आप सरकार के मुख्यमंत्री के बयान पर बाकि विधायक लीपापोती करके उसे सही साबित करने में लगे है।
       कांग्रेस के दिग्गज नेता  संजय निरुपम ,दिग्विजय सिंह, रणदीप सुरजेवाला , पी चिदम्बरम सबूत मांग रहे है। प्रेस बुला रहे है। लेकिन सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की चुप्पी से उनके प्रवक्ता पल्ला झाड़ कर खुद को अलग साबित करने में लगे है। कभी भी सुप्रीम कमान की इजाजत के बिना इन नेताओ में इतना होंसला नही आ सकता। कही ना कही इन्हें बढ़ावा देने वाले ऊपर बैठे लोग है। ये दोतरफा नीति अपना रहे है। 
        इनके लिए भारत की सुरक्षा मायने नही रखती बल्कि सिर्फ अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए देश को ख़त्म कर देने में भी पीछे नही हटेंगे। इससे पहले कभी किसी पार्टी ने सेना के अभियान के सबूत इस तरह मांगने की खबर नही पढ़ी।
      हमारी सेना के १९ सेनिको की शहादत इनके लिए झूठ है। उनके शब देखकर यकीं नही हो रहा। यदि सबूत की वीडियो रील दिखाई जाये तभी उन्हें यकीन आएगा।
        आपको जानकर हैरानी होगी जब आप  के एक सांसद ने संसद भवन की वीडियो बना कर चैनल को सोंप दी थी। उस वीडियो की आलोचना होने पर ( संसद की सुरक्षा को लीक ) केजरीवाल जी ने अपने नेताओ को फंसाने का षड्यंत्र करार दिया था।
       १३ दिसम्बर को संसद  पर हमला होने का वाकया भुला दिया गया था। यदि सांसद आतंकवादियो की गिरफ्त में आ जाते तो पूरे भारत का क्या होता जिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बचाते हुए अपनी जान गवाई। उसका ख्याल नही आया। उस के बाद पूरे संसद भवन की सुरक्षा के इंतेजाम बदल दिए गए थे।
       हमारे सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाने में  आतंकवादी हमेशा तैयार रहते है। यदि इस कार्यवाही की वीडियो दिखा दी जाये तो सभी को उन सेनिको के हथियार ,काम करने के तरीके ,नाम ,शक्ल, रणनीति का पता चल जायेगा। जिसका नुकसान देश को और उन सेनिको को  उठाना पड़ेगा। 
       कहा जाता है "मारने वाले का हाथ पकड़ा जा सकता है लेकिन झूठे की जबान नही पकड़ी जा सकती। "भारत बरसो से पाकिस्तान को सबूत सौपता आया है। उसने उसे हमेशा झुठला दिया। भारत ने पाकिस्तान समेत 22 देशो को सर्जिकल ऑपरेशन के सबूत सौपे उन्होंने इन सभी को सच्चा माना। लेकिन पाकिस्तानी झूठ के लिए भारतीय विरोधी पार्टियों के नेताओ को क्या कहे। वे पाकिस्तान के हाथ पक्के कर रहे है।
      रशिया ,अमरीका ,ब्रिटेन,फ़्रांस जैसे देशो के सेटेलाइट भारतीय सर्जिकल ऑपरेशन  को पकड़ने  में सक्षम है। नई तकनीको के माध्यम से झूठ फटाफट पकड़ा जा सकता है। उन्होंने इस कार्यवाही की आलोचना नही की तो भारतीय नेताओ को यकीं क्यों नही आ रहा।
     सर्जिकल ऑपरेशन के बाद  पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाजशरीफ की रक्षा सचिव की बैठक बुलाना ,सेना के जनरल को सचेत रहने को कहना,सारी सीमाओ पर चौकसी बढ़ा देना इस बात के सबूत है।
       युद्ध की कार्यवाही हमेशा से गुप्त रखी जाती रही है। सेना के भेद लेने के लिए जासूस छोड़े जाते है। सरकारे यदि इस तरह अपने भेद खोलने लगे तो देश को परतंत्र होते देर नही लगेगी।
      नेताओ द्वारा सबूत मांगना किसी एक पार्टी पर शंका जाहिर करना नही है बल्कि हम अपने देश के सेनिको का मनोबल गिरा रहे है। जो हमारी सुरक्षा के लिए घर -बार छोड़ कर  दिन रात  सीमाओ पर जाग  कर रखवाली कर रहे है तभी हम घरो में चैन की नींद सो रहे है।

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