#uri ka bdla


                               उरी  का बदला 

 आज बहुत दिनों बाद मन में आत्मसम्मान की भावना जगी। अपने को विकसित भारत का नागरिक कहने का मन कर रहा है। जब भारतीय नेताओ के द्वारा आतंकवादी घटना के सबूत दूसरे देशो को दिए जाते थे। पाकिस्तान उन्हें सिरे से नकार देता था। तब मन में आक्रोश पैदा हो जाता था। 

    दूसरे देशो के लोगो से इन घटनाओ का जिक्र करने पर हमे हमेशा सुनना पड़ता था।जो अपनी रक्षा खुद  ही कर सकता उसके बारे में लोग क्यों सोचेंगे । हम बुद्ध और गाँधी की संतान होने का खामियाजा कब तक उठाते रहेंगे। पाकिस्तान के आतंकवादी हमलो के कारण 80000 लोग मौत की नीद अब तक सो चुके है। 
     भारतीय नेता हमेशा अहिंसा का दामन थामे हुए भारतीय सेनिको और जनता को मरते हुए देखते रहे। जबकि आमने -सामने की लड़ाई में भी इतने लोगो को जान से हाथ नही धोने पड़ते। उरी हमले के समय सभी आर्मी अफसर ने कहा सुरक्षात्मक कार्यवाही में अधिक जाने गवानी पड़ती है। क्योंकि हमें पता नही होता कब ,कौन ,कहाँ से हमला करेगा। यदि हमें आक्रमण का मौका मिले तो हम अपना हुनर दिखा सकते है। ये हमें अब और म्यामार की कार्यवाही में सबुत समेत देखने के लिए मिला।
       1    मोदी जी ने एकदम पाकिस्तान पर हमला नही बोला बल्कि पहले पुरे संसार में पाकिस्तान के खिलाफ माहौल तैयार किया।  उन्होंने सबसे पहले अमरीका ,रूस ,ब्रिटेन , फ़्रांस, अफगानिस्तान ,बांग्लादेश ,भूटान जैसे देशो से हाथ मिलाया।2  संयुक्त राष्ट्र में सबूत देकर अपनी निरीह स्थिति साबित की। 3 बलोचिस्तान की असली हालात संसार के सामने लायी।4  pok ,गिलगित ,बाल्टिस्तान की सुलगती स्थिति से लोगो को वाकिफ करवाया। बलोचो के अंदर जीने की लालसा पैदा करके उनको आवाज दी। 
      इंदिरा गाँधी ने बांग्लादेश की हालत को लेकर पहले सारे संसार के सामने हालत बयान की थी। लगभग एक साल तक उन्होंने हर देश के सामने गुजारिश करके देखा। उसके बाद पाकिस्तान के हमला करने के बाद उन्होंने आक्रमण का जबाब  बांग्ला देश बनबा कर ले लिया था। 
      उस समय भारत बहुत कमजोर राष्ट्र था। सिर्फ रूस की मदद से भारत कुछ नही कर सकता था। उस समय हालत ऐसे बन गए थे की पाकिस्तान की मदद के लिए अमरीका अपना जहाजी बेडा लेकर हिन्द महासागर में आ गया था। यदि अमरीका भारत पर आक्रमण करता तो रशिया का जहाजी बेडा उसके पीछे भारत की मदद के लिए तैयार खड़ा था। अमरीका पाकिस्तान के साथ था। लेकिन अमरीका की जनता के सामने इंदिरा जी सही हालत रख कर उन्हें अपने पक्ष में पहले ही कर चुकी थी। जनता के खिलाफ जाकर अमरीकी सरकार सख्त कदम नही उठा सकी। 
       पाकिस्तान भारतीयों का जबरदस्ती अपहरण करके उन्हें आतंकवादी बना  कर उनके द्वारा भारत पर  हमला करवा कर देश की प्रगति में बाधा डाल रहा था। बुरहान बानी जैसे आतंकवादियो को महिमामंडित करके ,शहीद घोषित करके ,उसके नाम से रेलगाड़ी में प्रदर्शनी लगवा कर भारतीयों के घावों पर नामक छिड़क रहा था। 
      कश्मीर के 80 % लोग भारत के खिलाफ नही है लेकिन पाकिस्तान उन्हें  जबरदस्ती  भारत विरोधी कारनामो में लगवा कर भारत के नाम पर कीचड़ उछाल रहा था। 3  महीने से कश्मीर में, पाकिस्तान के कारण, दहशतगर्दी के माहौल के कारण कर्फ्यू लगा हुआ था।पाकिस्तान अपने देश की समस्या  से जनता  को विमुख करके उन्हें कश्मीर  दिलवाने के सब्जबाग दिखा कर भूखे पेट सोने को मजबूर कर रहा था। 
      पूर्व तानाशाह मुशर्रफ के समय m q .खान वैज्ञानिक आतंकवादियो को परमाणु बम्ब बना कर दे रहा था। अंतररास्ट्रीय विरोध के कारण मुशर्रफ को उसे कैद करना पड़ा वरना आतंकवादियो के हाथ में बहुत पहले परमाणु बम्ब की तकनीक  पहुँच  चुकी होती। 
    यह पहली  सरकार है जो हलफनामा उठा कर कह सकती है कि मेरी सेना पर मेरा नियंत्रण नही है। 
POK  में 160 आतंकवादी केम्प बने हुए है जिनमे से अभी 7 केम्पो पर हमला करके कुछ आतंकवादियो को मारा गया है। 
      भारतीय सैनिक का कत्ल करके पाकिस्तान उसका सिर काट कर ले गए हमारे किसी नेता ने उसके लिए कोई कदम नही उठाया। एक सैनिक का इस घटना से खून खोल उठा. वह बिना आदेश के पाकिस्तान में घुस कर उस सैनिक के बदले में  पाकिस्तानी सैनिक का सिर काट कर ले आया.हम जैसे लोग उसके कदम को सराहेंगे लेकिन भारतीय सेना ने उसका कोर्ट मार्शल की सजा सुना दी। ऐसे में कोई सैनिक कैसे डर -डर के साहसिक कदम उठा सकता है। 
        हमें सेना के सामने हमेशा परमाणु बम्ब का ख़ौफ़ नही रखना चाहिए। यदि भारत ;बम्ब के आघात को सहन नही कर सकेगा। तो भारत के पास इतने बम्ब है कि पूरा पाकिस्तान हमेशा के लिए खत्म हो जायेगा।  पाकिस्तान  परमाणु बम्ब का इस्तेमाल करने से पहले कई बार उसके हश्र के बारे में सोचेगा। भारत पर 3 बार आक्रमण करके वह भारतीय सेना का दम  देख चुका  है। 
         
       
  

#uri or shahadat


                              उरी  और शहादत 

 मोदी जी की पाकिस्तान के खिलाफ मूक कार्यवाही ने पाकिस्तान को हिला दिया है। पाक हमेशा भारत के खिलाफ अनर्गल बोलता रहता था। उसकी आतंकवादी कार्यवाही से भारतीय त्रस्त  थे लेकिन हमारे पुराने  नेता इसके खिलाफ कुछ करने से घबराते थे। लेकिन कद्दावर मोदी के बलोचो और pok को अपना बता कर उनमे होंसला भर दिया है। अब तक केवल भारत में तिरंगा जलाते दिखाया जाता रहा। .हम जैसे भारतीय उससे मर्माहत होते रहते थे। लेकिन कोई नेता उसके खिलाफ आवाज नही उठाता था। 

     मोदी जी ने  अलगाववादी नेताओ को मदद देने से मना  कर दिया है। इससे पहले अलगाववादी नेता भारत के खिलाफ आग उगलते थे। उन्हें राजी करने के लिए भारतीय नेता उनके इशारो पर चलते हुए उनके ऊपर धन दौलत लुटाते थे। ये धन पाकिस्तानियो का नही था बल्कि भारतीयों की खून पसीने की कमाई थी। 
     अब उरी में पाकिस्तानी कार्यवाही के दौरान 18  सेनिको की दर्दनाक मौत के खिलाफ पूरा भारत सुलग उठा है। चारो तरफ पाकिस्तानी झंडे जलाये जा रहे है। हमारा संचार तंत्र भी लोगो के आक्रोश को  दिखा रहा है। इससे पहले मेने कभी हिन्दुओ की आवाज इस तरह संचार माध्यमो से उजागर होते  नही देखी थी। 
      किसी भी धर्म का भारतीय इसमें पाकिस्तानियो का पक्ष लेते दिखाई नही दे रहा है.इस समय किसी भी मुसलमान का वकतव्य संचार तंत्र दिखा कर हमें मर्माहत करने की कोशिश नही कर रहा। 
       भारतीयों के आलावा आज हमें पूरा संसार आतंकवाद के खिलाफ खड़ा दिखाई दे रहा है। अमरीका  ,ब्रिटेन ,बांग्लादेश, अफगानिस्तान , फ़्रांस सभी इनके खिलाफ उठ खड़े हुए है। 1. अमरीका ने पाकिस्तान की मदद करना कम कर दिया है। 2. अमरीका की संसद में पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने के लिए बिल पेश किया गया है.3.  रुसी राष्ट्रपति भी पाकिस्तानी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की सलाह दे रहे है। 4.  चीन भी इस समय पाकिस्तान का पक्ष नही ले रहा है। इस समय पाकिस्तान का पक्षकार कोई नही है।             पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अमरीका में रहते हुए अपने सैनिक कमांडर राहिल को निर्देश देते दिखाई दे रहे है। a.  पाकिस्तान में बॉर्डर के पास की उड़ाने बंद करवा दी गयी है।b. बॉर्डर के पास के महामार्गों पर आवागमन बंद हो चूका है।ताकि युद्ध के समय इन पर युद्धक विमान उतारे जा सके।  सी,पाकिस्तान में हर तरफ युद्ध की कार्यवाही से बचने के उपाय किये जा रहे है। नवाज शरीफ के चेहरे पर दहशत दिखाई दे रही है। 
            अब से पहले भारतीय नेता हमेशा अपने खिलाफ होने वाले अत्याचारो की दुहाई देते गिड़गिड़ाते रहते थे लेकिन आज भारतीयों के दर्द को संसार समझ रहा है। पाकिस्तान को इस समय अपने ऊपर हमला होने का डर सता रहा है । दोनों देशो के पास परमाणु हथियार है। भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना से कई गुना ज्यादा है हथियार आदि सब कुछ अधिक होने के बाबजूद पाकिस्तान की इस तरह की हरकत जैसे चूहे के द्वारा शेर को परेशान करना है। 
      सारे संसार को आतंकवादी पैदा करके देने का काम पाकिस्तान कर रहा है। जो चिंगारी पाकिस्तान ने भारत को जलाने के लिए सुलगाई थी वह अब पूरे संसार को जला रही है। उसकी जलन इस समय पाकिस्तान को भी महसूस होने लगी है। आज पाकिस्तान के लिए अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद में अंतर करना मुश्किल हो रहा है। उसकी जलाई हुए चिंगारी ने उसके दामन को पकड़ लिया है।
       इस आतंकवाद के कारण पाकिस्तान का कोई नेता अपने को सुरक्षित नही समझ रहा है। ये आतंकवादी कभी भी वहाँ के पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे का अपहरण कर लेते है। वे  प्रधानमंत्री गिलानी जी अपने बेटे को अमरीकी मदद से 3 साल बाद मुक्त करवा पाते  है। 
   पाकिस्तानी पूर्व रक्षामंत्री कयानी  के बेटे को आतंकवादियो ने कैद कर लिया। उसे आजाद करने के लिए मुजरिमो को छोड़ना पड़  रहा है। पाकिस्तान में आतंकवादियो की दोहरी सरकार चलती दिखाई दे रही है। सभी  तबके  उसके रहमोकरम पर जी रहे  है। पाकिस्तान में नियमो की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। उनको दबाने में लचार पाकिस्तान भारत पर आग बरपा कर पाकिस्तानियो का धयान बाँटने की कोशिश कर रहा है।  
        इतने अधिक सेनिको की कायराना  तरीके से सोते हुए मार डालना हमें सोचने पर मजबूर कर रहा है। कब तक हम अहिंसा का पाठ याद करते हुए शहीदों की कुर्बानी देंगे। हमें सख्त कदम उठाने की जरूरत है। जैसे म्यामार में भारतीय सेनिको ने कार्यवाही की वैसी ही कार्यवाही की आज दरकार है। पूरा राष्ट्र एक हो चुका  है। संसार से डरने का समय नही है। हमें शहीदों की शहादत का बदला लेना है 

#bhartiy mosm or bimariya

                        मौसम और बीमारिया 

आजकल  हर तरफ बीमारियो  का साम्राज्य फैला हुआ है। हर घर में मरीज दिखाई दे रहे है। कई घर तो आपको ऐसे भी मिलेंगे जिसमे सारे लोग बीमार है उनकी सेवा करने के लिए स्वस्थ इंसान नही है।  अस्पतालों में जगह नही है।  बीमारो को अस्पतालों से वापस किया जा रहा है।
      अधिकतर मरीज मच्छरों से फैलने वाली बीमारी से पीड़ित है। हर साल इसी समय ऐसा माहौल दिखाई देता है। जब कई मोते हो जाती है। तब सरकार सजग होती है। इसे किसकी लापरवाही कहा जायेगा। सफाई को लेकर कोई सजग नही है। लोग सरकार को दोष देकर अपना गुस्सा निकालते है। सरकार सफाई कर्मचारियों और अधिकारियो पर गुस्सा निकाल कर काम चला लेती है। हालात ज्यो के त्यों रहते है। 
     यदि सभी अपने कार्यो के प्रति जिम्मेदार हो जाये तो। इतनी अधिक जानो से हाथ न धोना पड़े।  इस समय लोग किसी जंगली जानवर को देखकर भयभीत नही होता जितना मच्छर को देखकर हो रहा है। हर तरफ मच्छर से बचने वाले समान इस्तेमाल हो रहे है। फिर भी महामारी रुक नही रही। जब मौसम बदलेगा तभी इन बीमारियों से निजाद मिलेगी। हमे बहुत अधिक जान और माल का नुकसान उठाना पड़ता हे। माल की भरपाई तो इंसान कर लेता है। लेकिन जिनके यहाँ जान का नुकसान होता है। उनका पूरा  जीवन आंसुओ में डूब जाता है। 
      इस समय टायफायड , वायरल ,डेंगू, चिकनगुनिया फैला हुआ है। जिसको यह बीमारी हो जाती है। उसकी हालत एक हफ्ते में सँभल  पाती है जबकि कमजोरी दूर होने में काफी अधिक समय लग जाता है। एक छोटा सा मच्छर इंसान पर आक्रमण करके उसे गंभीर बीमारियों का शिकार बना रहा है। 
     कई बीमारियों में खून और प्लेटलेट्स की कमी  ,दवाइयों का आभाव ,अस्पतालों की कमी,जानकारी की कमी भी बीमारियों को भयावह रूप दे रही है। इन बीमारियों में अधिक से अधिक पानी पिलाना चाहिए। मरीज को बुखार आने पर पेरासिटामोल देना चाहिए। सिर्फ खून मिलने से काम नही चल पा रहा बल्कि उसमे से प्लेटलेट निकाल कर मरीज को देना होता है। यह लोगो को पता ही नही होता है। मरीजो को ऐसे में तुलसी ,गलोय जैसे काढे बना कर प्लेटलेट्स बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। 
     चिकनगुनिया का बीमार ठीक होने के बाद भी चलने -फिरने से लाचार रहता है क्योंकि उसे कई महीनों तक जोड़ो का दर्द रहता है। वह सही तरीके से चलने से भी लाचार रहता है। बाकि जरूरी काम करना उसके लिए बहुत कठिन होते है। इतने समय तक इंसान किस तरह काम किये बिना रह सकता है। सभी के लिए ,नॉकरी और अन्य कामो के लिए किसी  पर निर्भर नही  रहा जा सकता है। अधिकतर घर छोटे हो गए है। इसलिए कामो की जिम्मेदारी किसी अन्य पर सौपना बहुत मुश्किल हो गया है। 
    सरकारी अस्पताल और संस्थानों में मच्छरों के लार्वा पाए जा रहे है। अबकी बार हमारे इलाके में मच्छरों को भागने के लिए धुंआ छोड़ने वाले भी नही आये। नालियो में दवाई डालने वालो और कूलर चेक करने वालो का भी आभाव रहा है। उनका काम भी दिखावटी ज्यादा लगता है वे बाहर से पूछते है आपके यहा  कूलर में पानी हे या नही। यदि है तो उसे खाली करके सूखा लो,नही तो इसमें ये दवा डाल लो। थोड़ी सी गोलिया देकर चले जाते है। 
यदि कोई झूठ बोल रहा हो तो इसके लिए कोई जुर्माना नही है। मैने अपने सामने बहुत लोगो को इस मामले में झूठ बोलते देखा है। 
      श्रीलंका और मलेशिया जैसे देशो से मलेरिया की बीमारी जा चुकी है ये छोटे देश है। भारत में हम इन बीमारियों से मुक्ति के आसार कब देख सकेंगे। 
       मेरे इलाके में बहुत गंदगी है। इसके लिए मैं निगम पार्षद ,कमिश्नर, इंजीनियर ,सफाई कर्मचारी सभी से गुहार लगाने के बाद थक कर हार मान चुकी हूँ। सब दिलासा देते है सफाई करवाई जाएगी लेकिन सच्चाई में गंदगी के ढेर अब भी आपको जगह -जगह दिखाई दे जायेंगे। प्रधानमंत्री स्वछता अभियान मुझे केवल किताबो और पोस्टरों में दिखाई दे रहा है। अपने इलाके में मुझे गंदगी के अम्बार दिखाई दे रहे है। जब तक लोग जिम्मेदारी से अपने कर्तव्य का निर्बाह नही करेंगे। हमे हर तरफ बीमारियों और मोतो का ऐसा सिलसिला देखने को मिलता रहेगा। 

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...