#omicron "s panic

                        ओमीक्रॉन  की दहशत 


  मेने अपने जीवन में महामारी का इतना भयानक रूप इससे पहले नहीं देखा था। करोना  की दहशत फैले दो साल हो गए है। लेकिन अभी  कोई भी इससे मुक्त नहीं हो सका है। पहले केवल करोना ,फिर डेल्टा, अब ओमीक्रॉन का डर  बना हुआ है।

        हमने करोना  की दोनों डोज लगवा ली है। लेकिन सकूँ  नहीं मिल रहा है। कई देशो ने इसके आलावा अपने नागरिको को बुस्टर डोज भी लगानी शुरू कर दी है ऐसे समय में हमारे  वेक्सिनेशन को कई महीने बीत  चुके है। समझ नहीं आ रहा हमारी वेक्सिनेशन का असर ओमिक्रोम पर होगा या नहीं। 

     हमने ढंग से रिस्तेदारो से मिलना -जुलना भी शुरू नहीं किया है। त्योहारों पर भी घर तक सीमित  रहे लेकिन अफ्रीका से करोना  का नया वैरियंट तबाही मचाने  आ गया है। 

       कुछ जन -जीवन खुला था. वह फिर से बंद होता लगता है। कई देशो ने अफ्रीका से आने वाली उड़ाने  रद्द कर दी है। एयरपोर्ट पर फिर से करोना  टेस्ट होने शुरू हो गए है। सभी लोग डर  रहे है। 

    1920  में स्पेनिश फ्लू के कारण  संसार से 20  करोड़  लोग रुखसत  हो गए थे। ये फ्लू चार साल तक रहा था। भारत में भी डेढ़ करोड़ लोग मर गए थे। जबकि उस समय भारत की जनसँख्या केवल 25  करोड़ थी। उसके सामने सवा  अरब जनसंख्या में कितनी मौतों का सामना करना पड़ेगा। सरकारी बयानों पर बिस्वास करने का मन नहीं करता। 

    अब करोना  ने दो साल से कोहराम मचा रखा है। रोज लगता है कल क्या होगा आने वाले समय में किससे  वास्ता खत्म हो जायेगा। जिसका मुख आज देख रहे है क्या कल भी उसे देख पाएंगे। 

       इस समय केवल भगवान  पर ही भरोसा रह गया है। 

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...