NEW BORN CHILD AND PROBLEM

                                      नवजात शिशु

   

   नवजात शिशु को गोद  में लेते ही अलग अनुभूति का अहसास होता है। कुदरत का करिश्मा लगता है। हम कितनी भी उन्नति कर ले लेकिन  ऐसी कलाकृति बनाना असम्भव है। जो लोग अपने बच्चे को लेकर घमंड करते है। यदि उनसे कहा जाये। इस बच्चे  जैसी एक तस्वीर बना दो। तो वह  उसकी  हूबहू तस्वीर भी नहीं बना सकेंगे। उसमे जान डालना अलग बात है। भगवान की कारीगरी पर नतमस्तक होने का मन करता है। 
       आजकल बाजार में बच्चे का सामान खरीदने जाओ तब दुकानदार बच्चे से सम्बन्धित अनेक वस्तुएँ  आपके सामने ले आता है। आप उनको नकार नहीं पाते। घर ले आते है। जबकि अच्छे डॉक्टर बच्चे के लिए उन चीजों को अनावशयक बताते है। उनकी बच्चे को जरूरत नहीं है। 
      मेने बच्चे के जन्म से पहले बच्चे के लिए अनेक तरह की किट खरीद ली। मेहमान भी बच्चे से सम्बन्धित सामान ले आये। मेरे घर में बहुत सारा सामान आ गया , लेकिन उनका इस्तेमाल करते ही बच्चे को त्वचा की तकलीफ शुरू हो गई। 
       उसकी पीड़ा ने हमें परेशान कर दिया। उसे लेकर डॉक्टर के पास गए। उसके अनुसार बच्चे के लिए माँ का दूध  और साफ पानी सबसे अच्छा है।  उसे अनेक तरह की क्रीम और तेल  इस्तेमाल करने की जगह सिर्फ असली घी  का इस्तेमाल करो।  बाजार में बिकने वाले सारे उत्पाद भ्रामक है। इनसे बच्चे को फायदा नहीं होता है। हमारी जेब खाली  होती है।     
       बच्चे को साफ करने वाले वाइप्स और डायपर आपकी सुविधा भले ही देते है। लेकिन बच्चे को नुकसान करते है  .  माँ का दूध पीने  वाले बच्चे की  तकलीफ के लिए डॉ ने कोई भी चिंता जाहिर नहीं की। किसी तरह की दवाई देने से साफ मना  कर दिया। ये सब प्राकृतिक है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। ये विचार प्रसिद्ध डॉक्टर्स के है। जिनपर विश्वास किये बिना नहीं रह सकी।  

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...