#bhartiy nari or janvar

                 भारतीय औरत और जानवर 

  जिंदगी में सभी को मनचाहा नहीं मिलता। कुछ लोग सारी  जिंदगी ईश्वर से प्रार्थना  करते है लेकिन जिसके लिए प्रार्थना करते है वह देने के साथ ,अपनी मर्जी से    उसकी अपेक्षा कुछ और दे देते है जिसकी उन्हें बिलकुल जरूरत नहीं होती है।
          मेरे पड़ोस में राधा नाम की औरत के साथ ऐसा कुछ  हुआ कि  मुझे  समझ नहीं आया वह इतनी गुस्सैल क्यों हो गई। राधा की शादी को दस साल हो गए। उसकी कोई संतान नहीं हुई। इसके कारण वह मन से बहुत दुखी रहती थी। जमाने वाले उसे    उल्टा -सीधा सुनाने से बाज  नहीं आते थे।
      इससे परेशान होकर वह भगवान की शरण में जा पहुंची।  उसकी प्रार्थना रंग लाई। उसके यहाँ एक बच्ची ने जन्म लिया उसकी  मन मांगी मुराद  पूरी हो गई। उसके घर में खुशिया आ गई। उसने बच्ची की परवरिश में दिन -रात लगा दिए। इसी बीच  उसने एक गाय खरीद ली। ताकि घर में गाय का शुद्ध दूध मिल जाये।
     उसके घर में कुछ साल बाद दूसरी बेटी ने जन्म लिया। इस तरह उसके घर में लगातार चार बेटिया  आ गई। उसने भगवान  से केवल एक बेटी मांगी थी। इतनी बेटियाँ नहीं। मुझे लगता है उसने भगवान  से तपस्या करते वक्त कई  बेटियों की प्रार्थना कर ली होगी जैसे द्रोपदी ने भगवान से वर मांगते हुए पति, पति ,पति ,पति ,पति पांच बार मांग लिए थे इसलिए दूसरे जन्म में उसे पांच पांडवो की पत्नी बनना पड़ा।
          भारत में लड़कियों की इतनी जरूरत नहीं समझी जाती बल्कि किसी घर में एक लड़की पैदा हो जाये वही काफी समझ ली जाती है। दो बेटियों की माँ को कोई मुबारक बाद भी नहीं देता बल्कि उसे कई सारी बंदिशों का सामना करना पड़ता है। ऐसी औरत से धीरे -धीरे   सारे अधिकार भी छीन लिए जाते है। अब उसे पुत्र की कामना होने लगी थी लेकिन ये कामना कभी पूरी नहीं हो सकी.
         उसे अब भी बहुत सारे लांछनो का सामना करना पड़ता था। भारतीय ओरत यदि पुत्रो को जन्म देती है तो समाज में उसे बहुत सम्मान मिल जाता है। बाद का वक्त किसी ने नहीं देखा कि बड़े होकर वे बेटे कैसे बनते है  लेकिन पुत्रवती औरत के बीस  साल आराम से कट जाते है ।
     गायो में यदि गाय मादा को जन्म देती है। तो उस गाय की कदर बड़ जाती है। लेकिन राधा की गाय हमेशा ;नर को जन्म देती थी। जबकि गाय में शिशु नर का कोई महत्व नहीं होता है।क्योंकि उससे दूध की प्राप्ति नहीं होती और वंश नहीं बढ़ता।
      नर के पैदा होने के कुछ साल बाद उस नर की पूजा करके उसे छोड़ दिया जाता था। मेने एक -एक करके उसके घर कई सारे नरो को पैदा होते ओर उन्हें छोड़ते देखा। मुझे जिंदगी के इस करिश्मे पर हमेशा हंसी आयी। भगवान् ने ऐसा चमत्कार उसके जीवन में क्यों किया।
      जब वह औरत मेरे संपर्क में आयी तो वह बहुत चिड़चिड़ी और गुस्सैल हो चुकी थी। उससे बात करने से भी लोग डरते थे। उसके जीवन की विडंबना देखकर में भगवन की मर्जी समझने में स्वयं को असमर्थ समझती हूँ। लोग कहते है -भगवान जो करते है  भला करते है। उसके चिड़चिड़ेपन का कारण भगवान् की भलाई समझने का मन नहीं करता। 

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...